‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में अभारतीय (विदेशज) समध्वनिमूलक शब्द

October 13, 2018 0

यहाँ उन शब्दों के शुद्ध वर्तनी और शब्दार्थ दिये गये हैं, जिनका हमारा प्रबुद्ध-वर्ग अपने वाचन और लेखन में प्रयोग करता है। ऐसे शब्दों को हिन्दी ने आत्मसात कर लिया है। आप उन शब्दों पर […]

एक शब्द-चित्र

January 31, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय –  वह मेरे पार्श्व में बैठी थी। मैं अपलक उसे निहार रहा था। राजहंस-सा गोरा, द्रुत-विलम्बित छन्द-सी गति, अभिधावाणी, उपनागरिकावृत्ति-सी प्रकृति, प्रसाद गुण-सा शील, निर्दोष, कान्तिमान मुखमण्डल पर क्रीड़ा करता शृंगार-रस, अंग-प्रत्यंग […]