ग़ज़ल: क्या रखा है तेरी याद में
डॉ. रूपेश जैन ‘राहत” क्या रखा है तेरी याद में उम्र भर बे-सुकून क्यों जीते रहें उम्र भर दिल-लगाया-ओ-इश्क़-आजमाया तमन्ना क्यों सताती रहे उम्र भर हँसता हूँ ख़्याल पे कि तुम मेरे हो ग़ैरों को क्यों तड़पते रहें […]
डॉ. रूपेश जैन ‘राहत” क्या रखा है तेरी याद में उम्र भर बे-सुकून क्यों जीते रहें उम्र भर दिल-लगाया-ओ-इश्क़-आजमाया तमन्ना क्यों सताती रहे उम्र भर हँसता हूँ ख़्याल पे कि तुम मेरे हो ग़ैरों को क्यों तड़पते रहें […]