साझा सेवा केन्‍द्रों के जरिए देश बदल रहा है : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि टेक्‍नोलॉजी के लाभ गिने चुने लोगों तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को उपलब्‍ध कराए गए हैं। वे आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लाभार्थियों से बातचीत कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि साझा सेवा केन्‍द्रों के जरिए देश बदल रहा है और सरकार इन केन्‍द्रों के नेटवर्क को मजबूत बना रही है। श्री मोदी ने कहा कि दो लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में करीब तीन लाख से अधिक साझा सेवा केन्‍द्र विभिन्‍न प्रकार की डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम दलालों और बिचौलियों के खिलाफ एक लडा़ई है, जिससे काला धन और काला बाजारी रोकने में मदद मिली है। श्री मोदी ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड के भारतीय संस्‍करण रू-पे के इस्‍तेमाल की आवश्‍यकता पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि अन्‍य कार्डों के इस्‍तेमाल से लेनदेन की लागत विदेशी कंपनियों के खाते में जाती है, लेकिन रू-पे कार्ड का इस्‍तेमाल करने से पैसा भारत में रहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया का संबंध शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और सशक्तिकरण के साथ है। उन्‍होंने कहा कि इससे सुधार, कार्य निष्‍पादन और हस्‍तांतरण के लक्ष्‍य हासिल करने में मदद मिलेगी। डिजिटल इंडिया से मोबाइल निर्माण से जुड़े युवाओं ने मेक-इन-इंडिया कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे लोगों को रोजगार का बेहतर अवसर मिल रहा है।

डिजिटल इंडिया लांच हुआ था तो एक संकल्‍प था कि देश के सामान्‍य व्‍यक्ति को गरीब को, किसानों को, युवाओं को, गांवों को डिजिटल की दुनिया से जोड़ना है। उन्‍हें सशक्त करना है। देश का किसान मौसम का हाल जाने, फसल के संबंध में जानकारी ले, खेत की मिट्टी आदि के बारे में जानकारी ले । श्री मोदी ने कहा कि दोस्तों आज यह काम बड़े आराम से हो रहा है। आज गांव में पढ़ने वाला विधार्थी इंटरनेट का इस्‍तेमाल करके डिजिटल लाइब्रेरी के जरिये लाखों किताबों को पढ़ कर रहा है। प्रधानमन्त्री ने कहा कि जब उन्‍होंने शुरू में डिजिटल भुगतान की बात कही थी, तो लोगों ने उसे मजाक समझा था, लेकिन आज इस प्रणाली के लाभ लोग स्‍वयं महसूस कर रहे हैं। डिजिटल इंडिया को हमे आगे बढ़ाना है । हमें एक प्रकार की लड़ाई लड़नी है और यह लड़ाई है दलाली बनाम डिजिटल इंडिया की। दलाली को रोकने का काम डिजिटल इंडिया कर रहा है। डिजिटल इंडिया से दलाल परेशान हैं। डिजिटल इंडिया से हम लोग ताकतवर बन गए हैं। अब हम अपने हक की लड़ाई आसानी से लड़ सकते हैं।