कोतवाली देहात के ग्राम कटैया गांव में हाइटेंशन उस समय सनसनी फैल गयी जब एक युवक के हाईटेंशन लाइन पर चढ़ने की सूचना ग्रामीणों को प्राप्त हुई। आनन फानन में स्थानीय पुलिस को सूचना दी गयी जिसके बाद सीओ सिटी, देहात कोतवाल, रेलवेगंज चौकी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पंहुचें।
पुलिस के अधिकारियों व स्थानीय लोगों के द्वारा युवक से टावर से उतरने की अपील की गई लेकिन युवक सदर सांसद अंशुल वर्मा को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा। पुलिस अधिकारियों ने हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई और मौके पर फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया। टावर पर चढ़ा युवक नशे में लग रहा था और उसका आरोप था कि सांसद श्री वर्मा के द्धारा उसकी दिहाड़ी का पैसा नही दिया जा रहा है। युवक बार बार सांसद को मौके पर बुलाने व सांसद अंशुल वर्मा के ड्राइवर को नौकरी से हटाने की मांग कर कर रहा था।
युवक ने अपना नाम सोनू वर्मा निवासी इंद्रानगर बताया। टावर पर चढ़ा युवक सोनू सांसद अंशुल वर्मा को बुलाने की मांग ही करता रहा लेकिन वह नही पंहुचे। मौके की नजाकत भांपकर सांसद पीए शैलेन्द्र राठौड़ वहां पंहुचे जिसके बाद उन्होंने युवक से बात की और उसके पैसे मौके पर ही देने व ड्राइवर को नौकरी से हटाने का आश्वासन दिया तब जाकर युवक सोनू टावर से नीचे उतरा।
टावर से नीचे उतरते ही युवक को पुलिस ने अपनी पकड़ में लिया और उसे लेकर कोतवाली पंहुची। टावर से सोनू के उतरने के बाद शैलेन्द्र ने उसे तीन हजार रुपये मौके पर दिए लेकिन वह बार बार कम मजदूरी देने का आरोप सांसद श्री वर्मा पर लगाता रहा। सांसद पीए शैलेन्द्र ने कहा कि यह सासंद को बदनाम करने की साजिश है और उन्हें नहीं लगता है कि सांसद अंशुल वर्मा ने कभी मजदूरों को कम पैसा दिया होगा। उन्होने कहा कि सांसद एक नेकदिल इंसान है और अगर इसने उन्हें बताया होता तो वह दो चार हजार रुपये तो उसे ऐसे ही दे देते। शैलेन्द्र ने आगे बताया कि यह युवक सांसद श्री वर्मा के आवास पर छोटू नाम के ठेकेदार के अंडर में पुताई का कार्य करता है, सभी मजदूरों की मजदूरी का पैसा ठेकेदार को दिया जाता है और अगर ठेकेदार किसी मजदूर को पैसा उसे ना दे तो इसमें सांसद पर आरोप लगाना ठीक नही है।