मज़बूर पिता ने लोहे की ज़ंजीर में जकड़ा ‘विकास’

अनीस अहमद

कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश) :- सैनी कोतवाली से महज़ चन्द क़दम की दूरी पर एक पिता पैसों की तंगी के चलते बेरहम व ज़ालिम बन गया। उसने अपने ही कलेजे के टुकड़े पर ज़ुल्म की इंतहा कर दी। मजबूर पिता ने विकास को लोहे की मोटी ज़जीरों से घर के पास स्थित एक पेड़ में ताला लगा कर जकड़ दिया। विकास की मात्र इतनी ग़लती थी कि वो अपने पिता से भरपेट भोजन मांगता था और उसने बगैर बताये खाना निकालकर खा लिया था ।

हालांकि इसकी जानकारी लोकल पुलिस को हैं, लेकिन वो सिर्फ़ कागज़ों की खाना पूर्ति तक सीमित रही। किशोर आज भी बेड़ियों में जकड़ा ज़िंदगी जीने को मज़बूर हैं।

 पढ़ने-लिखने की उम्र में पिता कंधई लाल ने विकास पर मवेशियों को चराने की जिम्मेदारी दे दी। जबकि पिता कंधई लाल का कहना है कि वो पेशे से किसान हैं। कभी खाना कम बनता हैं या फ़िर समय से नही बन पाता हैं तो ये सब को गाली-गलौच करता है। अपशब्द बोलता है। जिसके कारण इसको ज़ंजीर के सहारे महुआ के पेड़ से बांध कर ताला लगा दिया गया।

सर्किल ऑफिसर सिराथू रामवीर सिंह ने कहा कि सूचना मिली हैं। पुलिस मौके पर जा रही हैं। जैसा भी होता है विधिक कार्यवाही की जाएगी।

केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आय दुगनी करने का दावा तो किया था। लेकिन दोबारा सरकार बने के बाद भी किसानों की स्थित बदली नही हैं। आज भी किसान कर्ज के चलते परेशान हैं। कंधई लाल जैसे कितने ही किसान हैं जिनके परिवार भर पेट भोजन को तरसते है ।

जिला क्राइम रिपोर्टर IV24 NEWS कौशाम्बी