● डूब मरो निकम्मों : अरबों रूपये की योजनाएं और कौशाम्बी में एक गरीब परिवार दाने-दाने को मोहताज ।
● विषम परिस्थितियों में प्रकाश पटेल कैसे अपने पाँच बच्चों की परवरिश कर रहा है, विचारणीय है !
● क्या वोट को भिखारियों को यह सब कभी नज़र आएगा ?
● क्या प्रकाश पटेल जैसे ग़रीबों को सरकार की तरफ से समुचित सहायता मिल सकेगी ?
कौशाम्बी :- कड़ा ब्लॉक के पल्टीपुर गाँव मे प्रकाश पटेल को सरकारी आश्वासन मिलने के बावजूद आज तक राशन कार्ड नहीं मिला है । इससे उसे सरकार द्वारा मिलने वाला राशन नहीं मिल पा रहा है और अपने परिवार के भरण पोषण करने में बहुत ही मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है ।
लाॅकडाउन काल मे पड़ोसियों की मदद से कुछ दिन घर में चूल्हा जला और कुछ दिन अन्य व्यवस्थाओं से । जब इसकी खबर मीडिया को मिली तो उसके हस्तक्षेप से सरकारी अमले ने एक बार राशन उपलब्ध करवाया और राशन कार्ड जारी करने का पूरा आश्वासन दिया । किन्तु 2 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक गरीब का राशन कार्ड जारी नहीं किया गया है । इन परिस्थितियों में प्रकाश पटेल कैसे अपने पाँच बच्चों की परवरिश कर रहा है, विचारणीय है ! क्या वोट को भिखारियों को यह सब कभी नज़र आएगा ? क्या प्रकाश पटेल जैसे ग़रीबों को सरकार की तरफ से समुचित सहायता मिल सकेगी ?