नावेल “बैचलर्स हैवेन हॉस्टल लाइफ” को लेकर उत्सुक है यूथ

सितांशु की आने वाली पहली नावेल “बैचलर्स हैवेन हॉस्टल लाइफ” को ले के यूथ में बहुत उत्सुकता देखने को मिल रही है । बड़ी ही बेसब्री से पाठकों को इसका इंतज़ार हैं ।

सितांशु त्रिपाठी सतना जिले के निवासी हैं । इन्होने इंजीनिरिंग की पढ़ाई जेपी यूनिवर्सिटी से की है । साहित्य के क्षेत्र में इनकी रूचि बचपन से थी । ये बहुत ही खूबसूरत कविताएं लिखते हैं और लोगो का दिल जीत रहे हैं । इनकी कविताएँ सामाजिक मुद्दों पर होती हैं । इनकी कविताओं को यूथ से बहुत प्यार मिल रहा है । देश में ही नहीं विदेशो में भी इनकी रचनाओं को सराहा जा रहा हैं ।

सितांशु ने एक नावेल लिखी है जो बहुत ही जल्द आप सबके बीच होगी । इस नावेल में बताया गया है कि इंजिनीयर्स की हॉस्टल लाइफ कैसी होती है और क्यों हॉस्टल लाइफ को बैचलर्स का स्वर्ग कहा जाता है ? कैसे एक सीधा-सादा माँ का दुलारा बच्चा 4 साल बाद चेन स्मोकर बनता हैं और कैसे खुले आसमान में छल्ले बनाता हैं ? कैसे घटिया इंजीनियर बनता है ? इन्हीं बातों को बड़ी ही खूबसूरती से लिखा है सीतांशु ने । इस नावेल का हर इंजिनीयर को बेसब्री से इंतज़ार है क्योंकि ये कहानी तो हर बैचलर और हर इंजीनियर की है ।