प्रेम की प्रकृति
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव शरीर पंचतत्त्व से निर्मित है। ये पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के रूप मे जाने जाते हैं। भारतीय दार्शनिक परम्परा में ये पाँचों तत्त्व केवल शरीर के घटक नहीं […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव शरीर पंचतत्त्व से निर्मित है। ये पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के रूप मे जाने जाते हैं। भारतीय दार्शनिक परम्परा में ये पाँचों तत्त्व केवल शरीर के घटक नहीं […]
प्रेरक माया ही प्रेम है।प्रेरक वृत्ति ही प्रेम है।प्रेरक भाव ही प्रेम है।प्रेरक शक्ति ही प्रेम है।प्रेरक प्रकृति ही प्रेम है।प्रेरक संस्कृति ही प्रेम है।प्रेरक गुण संस्कार स्वभाव ही प्रेम है।प्राण की सक्रियता ही प्रेम […]