डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय –
आज (२४ जनवरी, २०१८ ई०) करणी सेना के आतंकियों ने अपने को क्षत्रिय और हिन्दूवादी सिद्ध करने के लिए गुरुग्राम, हरियाणा में चेहरा ढँककर जिस तरह से स्कूल-बस में बैठे निर्दोष-निष्पाप बच्चों और महिला अध्यापकों पर प्राणघातक आक्रमण किया है, वह इस सच पर मुहर लगा देता है कि हमलावर नितान्त नपुंसक हैं। किसी क्षत्राणी के दूध में मिलावट नहीं होती। यही कारण है कि वीर क्षत्रियों ने शत्रु-पक्ष के भी बच्चों और महिलाओं पर कभी हमला नहीं किया है। इससे ज़ाहिर होता है कि वे गुण्डे एक सिरे से आतंकी हैं और करणी क्षत्रिय के रूप में उनके सीमातीत घिनौने कृत्य को देख, समझ तथा अनुभव कर, आज एक ईमानदार और विशुद्ध क्षत्रिय महाराणा प्रताप का मन बहुत रो रहा होगा और स्वयं को इस बात के लिए कोस रहा होगा : काश! मैं क्षत्रिय नहीं होता।
मासूम बच्चों और महिलाओं पर जानलेवा हमला करनेवाले क्लीव क्षत्रियो! तुम सबकी माँ का दूध ‘पानी’ है। वास्तव में, तुम सबकी माँ क्षत्राणी होतीं तो तुम सभी के इस बेहद कायराने हरकत के लिए सिर धड़ से अलग कर देतीं। अपने को क्षत्रिय मत कहो क्योंकि क्षत्रियों ने कभी पीठ पीछे हमला नहीं किया है; घास की रोटी खायी है परन्तु क्षत्रिय-शौर्य-परम्परा को कलंकित-कलुषित नहीं किया है। उस बस में क्षत्रिय-कुलदीपक भी थे परन्तु तुम सभी ने उस फ़िल्म के विरोध करने के तरीक़े के नाम पर क्षत्रिय-परम्परा को मिट्टी में मिला दिया है।
मत भूलो! समय अन्याय और अत्याचार का ब्याज-सहित भुगतान करता आया है। कल तुम्हारे बीवी-बच्चे, भाई-बहन के साथ जब ऐसा ही और इससे भी बढ़कर भी सुलूक होगा तब एहसास होगा। प्रतीक्षा करो। उन बच्चों और नारियों का चीत्कार, प्राणरक्षा की गुहार, उनकी तड़प, उनके आँसू तुम सब मिलावटी क्षत्रिय आतंकवादियों को चैन से जीने नहीं देंगे। कायरो-आतंकियो! तुम सबकी माँ के दूध में यदि शक्ति होती तो उन मासूम बच्चों और निर्दोष महिलाओं पर हमला करने की कल्पना तक नहीं करते।
वहीं हरियाणा की नपुंसक सरकार आज देश की सबसे घटिया और भारत की राजनीति में सर्वाधिक कलंकित मुख्य मन्त्री खट्टर के रूप में इतिहास के काले पन्नों के रूप में दर्ज़ हो चुकी है। उच्चतम न्यायालय भी उसे धिक्कार-धिक्कार कर थक चुका है।
मुख्य मन्त्री! तुम चुल्लूभर पानी में डूब मरो। करणी सेना के विरोध के नाम पर स्कूल के बच्चों की बस और महिलाओं पर हमला किया जा रहा है और तुम मौन बने बैठे हो! यह सीधा-सीधा आतंकी हमला है।
मैं यहाँ खुले रूप में जानना चाहता हूँ : वह कौन क्षत्रिय है; वह कौन हिन्दूवादी है, जो बच्चों और महिलाओं पर प्राणघातक हमले का समर्थन करता है?