पोषण मिशन के तहत जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए गये कुपोषित बच्चों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कहा कि अधिकारी अपने गोद लिए गांवों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह ही समझें और कुपोषित बच्चों के परिवार वालों को समझायें कि यदि बच्चों को उचित स्वास्थ्य लाभ व पोषाहार नहीं दिया गया तो बच्चे के साथ कुछ भी हो सकता है,और बच्चें को कुपोषण मुक्त करने के बारे में भी बतायें ।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी वीएचएनडी के दिन जाने से पहले वहां के प्रधान, एमओआईसी, एएनएम, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ती से फोन पर बात कर लें और उन्हें बता दे कि उन्हें किस समय तक गांव में रहना है तथा वह पूरी तैयारी के साथ आयें। उन्होने कहा कि अगर किसी कारण अधिकारी वीएचएनडी के दिन नही पहुंच पाते है तो उसके अगले दिन कार्यक्रम बनाकर एवं सभी को सूचित करने के बाद गांव में जाकर कुपोषित बच्चों की जानकारी प्राप्त करें । जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में निरीक्षण के समय कुपोषित बच्चों के परिवार वालों को बतायें कि घर व आस-पास साफ-सफाई रखें बच्चें को अच्छा पोषाहार दें तथा छः माह के बच्चे को सिर्फ मां का दूध पिलायें ।
उन्होंने कहा कि जो बच्चें अति कुपोषित है उन्हें कुपोषण केन्द्र पर भर्ती कराना आवश्यक है तो संबंधित अधिकारी क्षेत्र के एमओआईसी, एएनएम,आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के माध्यम से उन बच्चों को कुपोषण केन्द्र पर भर्ती करायें । उन्होने कहा कि कुपोषण को एक मिशन की तरह नहीं बल्कि अपना धर्म एवं दायित्व समझ कर पूरा करें । जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में जिन परिवारों में अधिक बच्चें है और उनमें से कुछ बच्चे कुपोषित है तो ऐसे घर की गर्भवती महिलाओं पर भी अधिकारी ध्यान रखें, क्योकि कुछ बच्चें जन्म से कुपोषित पैदा होते है । जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के बच्चों को कुपोषण से बचाना हम सब की जिम्मेदारी है, इस लिए सभी को गम्भीरता से लोगों में जागरूकता फैलानी होगी । बैठक में डीफओ, डिप्टी सीएमओ विजय कुमार सिंह उप निदेशक कृषि आशुतोष कुमार मिश्र,उपायुक्त उद्योग लाल जीत सिंह, सहायक निदेशक सूचना कुमकुम शर्मा,जिला कृषि अधिकारी डा0 विनोद कुमार यादव, खादी ग्रामोउद्योग अधिकारी,जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं एमओआईसी आदि मौजूद रहे ।