आपातकाल के कारण जारी संकट के मद्देनजर मालदीव सरकार ने देश में सर्वदलीय बैठक बुलायी है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार के साथ बातचीत करने के लिए सभी दलों को पत्र भेजा गया है। हालांकि सभी प्रमुख विपक्षी नेता या तो जेल में हैं या फिर देश से बाहर शरण लिए हुए हैं। इसलिए विपक्षी दलों के इस वार्ता में भाग लेने की संभावना कम है।
मालदीव के राष्ट्रपति जहां देश में राजनीतिक विरोधियों पर अपना शिकंजा कस रहे हैं, वहीं अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय को पक्ष में रखने की भी भरपूर कोशिश में है। पुलिस ने जहां पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल गनी के बेटे को भी हिरासत में लिया, वहीं राष्ट्रपति ने सर्वदलीय बैठक की बात कही। जो सभी प्रमुख विपक्षी नेता जेल या देश निकाला के शिकार है। कोलम्बो से गये एक राजनीति दल की राष्ट्रपति यामीन और संसद अध्यक्ष से मुलाकात नहीं हो सकी। इस पर दल ने नाराजगी व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने आपातकाल की घोषणा और न्यायाधीशों की गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए निर्णय को वापस लेने की मांग की है।