अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शनिवार के दिन हादसे के बाद हुई मौत जिनके शवों की पहचान करने का प्रयास किया गया लेकिन शिनाख्त ना होने के चलते दोनों सबों को जिला अस्पताल स्थित शव गृह में रखवा दिया गया था रविवार के दिन जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने पहचान कर ली वहीं पुलिस ने पोस्टमार्टम करा कर शवों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक थाना क्षेत्र कासिमपुर के जम सारा गांव निवासी विशंभर 18 मन्नालाल अपने 6 भाइयों ने सबसे बड़ा था पिता लंबी बीमारी से जूझ रहा है मां मीना जो काफी वृद्ध है समूचे परिवार का भोज बिसंभर के ही कंधों पर था वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च उठाता था शनिवार के दिन घर से मजदूरी करने की बात कहकर संडीला के सोना शहर जाने की बात कह कर निकला था थाना कछौना क्षेत्र के दलेलनगर स्थित किसी संत रूप ट्रेन की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत मौके पर ही हो गई थी।जिसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शिनाख्त कराने का प्रयास किया पुलिस के लाभ प्रयासों के बावजूद उसकी पहचान नहीं की जा सकी जिसके बाद पुलिस ने 100 को जिला अस्पताल स्थित सौ गृह में रखवा दिया था।
वहीं दूसरी ओर कोतवाली शहर क्षेत्र के मन्ना पुरवा निवासी नरेंद्र 35 पुत्र विक्रम जो कई महीने से मानसिक तौर से परेशान रहता था अक्सर वह घर से बगैर बताए निकल जाता था 7 फरवरी को वह घर से लापता हो गया था जिसकी परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा 8 फरवरी के दिन उसे घायल अवस्था में 108 एंबुलेंस इलाज के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया जहां पर इलाज किया जा रहा था इलाज के दौरान शनिवार के दिन उसने दम तोड़ दिया अस्पताल कर्मियों ने पहचान करने की कोशिश की पहचान न होने के चलते जिला अस्पताल स्थित शव ग्रह में रखवा दिया रविवार के दिन अखबारों में छपी खबर को पढ़कर परिजन जिला अस्पताल आकर शवों की पहचान कर ली वही पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया और शवों को परिजनों के हवाले कर दिया मृतक नरेंद्र के तीन पुत्रियां पूजा मुस्कान आरती पत्नी राम श्री वह अपने तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था घटना को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजनों में कोहराम सा मचा हुआ है