जमानत पर चल रहे हत्यारोपी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

           सण्डीला कोतवाली इलाके में 11 वर्ष पूर्व हुये हत्याकांड में आजीवन कारावास में जमानत पर चल रहे युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।वही अभी भी परिजन उसको हत्याकांड में फर्जी फसाने की बात कह रहे है।हत्याकांड में सजा होने के बाद जेल में ही वह मानसिक रूप से बीमार हो गया था तभी से इलाज चल रहा था।
          संडीला कोतवाली के बहादुर खेड़ा के पास दूध डेरी के सामने 17 दिसम्बर 2007 को हुये हत्याकांड में झबनिया खेड़ा थाना कासिमपुर निवासी अनीस अहमद ने मृतक उदय सहित पांच लोग के विरुद्ध 302 और 307 आईपीसी की धाराओ में नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी।इस हत्या कांड में जिला सत्र न्यायालय से उदय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी।सजा के बाद वह फतेहगढ़ जेल भेज दिया गया था जहां कारावास की सजा के दौरान उदय मानसिक रूप से बीमार हो गया, जिसके बाद वाराणसी जेल में स्थानांतरित करके इलाज चला।
          वही हाईकोर्ट से जमानत मिलने के पश्चात उसने घर पर एक जनरल स्टोर की दुकान खोल ली थी।एक माह से वह दूध का काम कर रहा था।परिजनों के अनुसार वह अक्सर कहा करता था वह फर्जी फसाया गया है, अब दुबारा जेल नही जायेगा और इसी के चलते उसने बैग में फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी जान दे दी।हालांकि उसका वाराणसी से अभी तक इलाज चल रहा था।घटना की जानकारी पाकर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।युवक के सात वर्षीय पुत्री सुहाना व चार वर्षीय पुत्र लोधी सिंह के साथ 3 माह का एक पुत्र और है।