- कासिमपुर में हुए हादसे में टीचर समेत दो की हुई थी मौत ।
- हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने को घर पर रखे थे शव ।
- तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस, दो सीओ व पीएसी गांव में रही मुस्तैद ।
- पुलिस से आंशिक झड़प के बीच अंतिम संस्कार को हुए तैयार ।
- 7 लोगों के विरुद्ध दी हत्या की तहरीर,5 को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया ।
- तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात ।
- गांव की प्रधानी की रंजिश में लगाया हत्या का इल्जाम ।
कासिमपुर थाने के ठीक सामने एक पिकअप डाला से कुचलकर प्रधान के पुत्र व उसके साथी की मौत के मामले में नाराज परिजनों के द्वारा शवों के अंतिम संस्कार न करने की बात से हड़कंप मच गया। कई थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ सीओ व पीएसी गांव पहुंची जहां पुलिस के काफी समझाने के बाद आंशिक झड़प के बाद परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए जिसके बाद देर शाम 24 घंटे के बाद शवों को भारी पुलिस की सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार के लिए गंगा घाट भेजा जा सका। गांव में तनाव को देखते हुए भारी तादात में पुलिस तैनात की गई है।मृतक की प्रधान माँ व उसके भाई ने अपने ही गांव के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
हरदोई के थाना कासिमपुर के बेहसार निवासी विमलेश कठेरिया 40 पुत्र श्रीलाल और गाँव के निवासी संजय कुमार 50 पुत्र राम बली मंगलवार को दोनों ब्लाक के काम से बेहन्दर गये थे। दोनों थाने में भी गए थे जहां से काम करने के बाद दोनों बाइक से घर वापस लौट रहे थे। यह लोग कासिमपुर थाने के सामने पहुंचे थे तभी सण्डीला की ओर से पिकप डाला जो कि तेज रफ्तार से आ रहा था डाले ने दोनों को रौंद दिया। तुरंत ही पुलिस दोनों को सरकारी अस्पताल बेहन्दर ले गई और वहाँ पर इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। मृतक विमलेश की माँ रामखुशी ग्राम प्रधान हैं।
प्रधान रामखुशी ने आरोप लगाया कि उसके छोटे पुत्र अखिलेश से गांव के ही सूरजपाल से कहा सुनी हो गयी थी जिसमे पुलिस सूरजपाल व अखिलेश को थाने ले आयी थी। आज विमलेश अपने साथी संजय के साथ थाने आया था। थाने से निकलते ही एक्सीडेंट हुआ। वहीं परिजनों ने शवों का तब तक अंतिम संस्कार न करने का एलान किया जब तक मामले में हत्या की रिपोर्ट नहीं दर्ज की जाती है।शजैसे ही मामले की जानकारी लगी तो पुलिस के हाँथ पांव फूल गए। अतरौली,सण्डीला कछौना कासिमपुर पुलिस के साथ सीओ बघौली अखिलेश राजन पीएसी लेकर गांव पहुंचे और बात की।
परिजन मामले में हत्या की रिपोर्ट व गिरफ्तारी की बात कर रहे थे। पुलिस ने कई घंटे तक लोगों को समझाया लेकिन परिजन पुलिस पर ही आक्रोशित होते रहे। किसी तरह पुलिस ने परिजनों को समझाया और हत्या की तहरीर ली। सीओ ने बताया कि इस तहरीर को विवेचना में शामिल किया जाएगा। सीओ ने बताया कि नामजद लोगों में 5 लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है जिसके बाद परिजन राजी हुए। उसके बाद देर शाम शवों को पुलिस सुरक्षा में गंगाघाट भेजा गया।गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गयी है।