शीतल पेय कंपनियों के विरुद्ध पर्यावरण दिवस पर समाजसेवी मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉक्टर संदीप पांडे के नेतृत्व में सण्डीला के औद्योगिक क्षेत्र में पेप्सिको के बाहर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आशा आश्रम के कार्यकर्ताओं ने स्लोगन लिखी पट्टी गले मे लटकाकर मानव श्रृंखला बनाई । इसके पश्चात फैक्ट्री के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया।
संदीप पांडे ने कहा देश भर में पेप्सी और कोला के 90 कारखाने है जो प्रत्येक स्थान से 5 से 15 लाख लीटर पानी जमीन से रोज निकाल रहे है। इन दो अमेरिकी कंपनियों का शीतल पेय के बाजार में 95 प्रतिशत कब्जा है जिसकी वजह से हमारा भूगर्भ जल स्तर नीचे जा रहा है। एक लीटर शीतल पेय बनाने में 3 लीटर पानी बरबाद होता है। इन दो कंपनियों के 1200 बोतलबंद पानी के कारखाने है । शीतल पेय में खतरनाक तत्व होते हैं । जिससे बच्चों का बौद्धिक विकास नहीं होता है और कैंसर जैसी बीमारी हो रही है।
कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद ये कंपनियां रसायनों की मात्रा बोतलों पर नहीं लिख रही हैं । कोला इस शर्त पर आई थी कि 49 प्रतिशत निवेश का हिस्सा जनता का होगा लेकिन नहीं किया । अगर हमें पानी बचाना है तो तो पानी के निजीकरण व बाजारीकरण पर रोक लगानी होगी और इन दो अमरीकी कंपनियों को भारत से बाहर करना होगा । इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मुस्तैद रहा। संदीप पांडेय ने कहा कि यह कम्पनी बन्द की जाए ।