विदेश राज्य मंत्री वी० के० सिंह ने आज नई दिल्ली में कैलाश मानसरोवर यात्रा-2018 को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे शारीरिक रूप से स्वस्थ बने रहें और प्रकृति से संबंध बनाये रखें ताकि उन्हें यात्रा का सुख प्राप्त हो।
साठ तीर्थयात्रियों का पहला जत्था उत्तराखंड के लिपूलेख से होते हुए कैलाश मानसरोवर पहुंचेगा। कैलाश मानसरोवर के पहुंचने के दो रास्ते हैं। पहला लिपुलेख से और दूसरा सिक्किम के नाथुला दर्रे से होकर जाता है।इस वर्ष यात्रा के लिए तीन हजार 734 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से करीब डेढ़ हजार लोगों को यात्रा के लिए चुना गया। लिपुलेख से होकर जाने वाले तीर्थयात्री 24 दिन में अपने गंतव्य पर पहुंचेंगे। नाथुला पास से होकर जाने वाली सड़क पर वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकता है और ये रास्ता बुजुर्गों के लिए सुरक्षित होता है। इस रास्ते से 21 दिन में यात्रा पूरी हो जाती है।