हरदोई– जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में ट्रक चालक, हेल्पर और छात्र समेत चार की मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस ने परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
जनपद बरेली के थाना देवरनिया के ग्राम खनरिया गोया डांडी निवासी चंद्रपाल (50) ट्रक चालक थे। भाई संतोष ने बताया कि चंद्रपाल मंगलवार को वह ट्रक लेकर चेन्नई से शिकारगंज उत्तराखंड जा रहे थे। कछौना कोतवाली क्षेत्र के रैसों के पास सामने से आ रहे कंटेनर ने ट्रक में टक्कर मार दी। जिसमें चंद्रपाल की मौत हो गई और हेल्पर प्रीतम पुत्र निरंजन लाल निवासी खानपुर भोजीपुर बरेली घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए कछौना सीएचसी पर भर्ती कराया गया।
फर्रुखाबाद के बल्लीपट्टी निवासी आशीष (21) बरेली की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी की डीसीएम पर हेल्पर था। पिता के अनुसार आठ दिन पूर्व आशीष घर से गया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को आशीष डीसीएम चालक निशांत मिश्रा निवासी एटा के साथ डीसीएम में लकड़ी लेकर बरेली से लखनऊ जा रहा था। लोनार थाना क्षेत्र के न्योरादेव के पास ट्रक ने डीसीएम में टक्कर मार दी, जिसमें आशीष और चालक दोनों घायल हो गए। पुलिस उन्हें लेकर अस्पताल पहुंची, जहां पर आशीष को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हीरापुर निवासी प्रमोद (18) नेहरू इंटर कालेज सदरपुर में हाईस्कूल का छात्र था। बड़े भाई नीरज ने बताया कि मंगलवार की शाम को प्रमोद बाइक से हरदोई आ रहा था। सुरसा थाना क्षेत्र के सेमरा चौराहे के पास अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारनपुरवा निवासी रफिया (22) बनारस में चूड़ी बेचने का काम करता था। भाई शकील ने बताया कि 10 दिन पूर्व ही रफिया बनारस से घर आया था। मंगलवार सुबह रफिया बाइक से गांव निवासी इरफान के साथ पिसावां के गुरसंडा निवासी मौसी नूरजहां पत्नी बाबर के यहां गया था। देर शाम वहां से वापस आते समय हरदोई-गोपामऊ मार्ग पर पेंग के पास बस ने बाइक में टक्कर मार दी। जिसमें दोनों घायल हो गए। पुलिस रफिया को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गई। जहां पर उसे अज्ञात में भर्ती किया गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। देर रात जब परिजन उसे ढूंढने निकले तो इरफान उन्हें घायलावस्था में मिला और उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंच कर उसकी पहचान की।