ससुराली पक्ष तथा मायके पक्ष के बीच हुई हाथापाई  

            हरदोई- कोतवाली देहात स्थित विकासनगर महोलिया शिवपार हरदोई का है रुद्रपुर थाना उधम सिंह उत्तराखंड निवासी महिला की शादी 6 वर्ष पूर्व हरदोई के विकास नगर थाना कोतवाली देहात निवासी युवक के साथ हुई थी तभी से दोनों परिवारों के बीच में तनाव बना हुआ था तथा मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच चुका था परिवार परामर्श केंद्र के आश्वासन पर पुनः महिला अपने पति के साथ कुछ दिनों से निवास कर रही थी कल ससुरालीजनों के बीच कुछ कहासुनी हुई जिस पर उत्तराखंड से आए मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालीजनों को मारा पीटा तथा ससुरालीजनों ने भी ईंट पत्थर से जवाबी मारपीट हुई मौके पर पहुंची 100 नंबर पुलिस ने लड़के पक्ष के लोगों को जमकर मारा-पीटा तथा गाड़ी से कोतवाली तक मारपीट करते हुए लेकर पहुंचे।
          रुचिता गिरी पुत्री सुरेश गिरी निवासी रुद्रपुर थाना उधम सिंह नगर उत्तराखंड की शादी हरदोई विकास नगर निवासी अंकित तिवारी पुत्र राकेश तिवारी के साथ हुई थी तभी से दोनों परिवारों के बीच में तनाव बना रहता था तथा बात दहेज एक्ट के तहत कोर्ट तक पहुंची थी जहां पर परिवार परामर्श केंद्र में समझाने के बाद दोनों आपस में फिर से रह कर जीवन यापन कर रहे थे कल शाम अचानक फिर से विवाद पति पत्नी के बीच में हुआ जिस पर पत्नी ने अपने परिवारीजनों को फोन कर सूचना दी जिस पर उत्तराखंड से आए परिवारीजनों ने मारपीट की तथा कोतवाली पहुंचकर शेरपुर राकेश तिवारी पति अंकित तिवारी सास पनतों देवी ननंद शालिनी तिवारी तथा रिश्तेदार नीलम पांडे पत्नी रामनाथ पांडे पर हाथापाई करने का आरोप लगाया है तथा देहात कोतवाली में तहरीर दर्ज कराई है रुचिता गिरी ने 100 नंबर पर फोन कर मदद के लिए पुलिस को बुलाया जिस पर पहुंची पुलिस ने राम नाथ पांडे तथा राकेश तिवारी को लात घूसों से मारते हुए कोतवाली तक ले कर पहुंचाया पीड़िता रुचिता गिरी के एक पुत्री भी है तथा रुचिता गिरी की हालत गंभीर देखते हुए देहात कोतवाली के थानाध्यक्ष ने मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है तथा नामित कई लोगों को हिरासत में ले लिया है और मामले को सुभाष पाल के साथ राकेश तिवारी को शराब माफिया के साथ जोड़ कर जेल भेजने की धमकी भी दी है तथा बिना जांच के ही आरोपियों के खिलाफ कारवाई करने के निर्देश भी दे दिए हैं। हिरासत में आए लोग मीडिया के सामने चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे की मोहल्ले वालों से पूरे मामले की छानबीन कर केस फाइल किया जाए लेकिन पुलिस प्रशासन उन लोगों की कोई भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है तथा जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।