- गजल महबूब के नूर में ही भ्रमण नहीं करती:- किसनलाल अग्रवाल
भवानीमंडी:- (राजेश पुरोहित) साहित्य संगम संस्थान शिरोमणि डॉ अरुण श्रीवास्तव पश्चिम मध्य रेलवे के सतर्कता निरीक्षक महोदय के करकमलों से संस्थान के मुख्य मंच पर गज़ल-गुञ्जन मासिक ई पत्रिका का भक्तिकाल में विमोचन किया गया । इस पत्रिका का संपादन झारखंड के प्रतिष्ठित व्यवसायी साहित्य संगम संस्थान के उपाध्यक्ष श्री किसनलाल अग्रवाल जी ने किया है । उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ग़ज़ल केवल महबूब के नूर में ही भ्रमण नहीं करती बल्कि समाज मे फैली कुरीतियों बुराइयों तकलीफों को समग्रता के साथ प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करती है।
पत्रिका का यह अंक इलेक्ट्रॉनिक हिंदी साहित्य की जानी मानी हस्ती रीवा मध्य प्रदेश के निवासी म०प्र० वनविभाग में सेवारत श्री आशीष पाण्डेय जिद्दी जी को समर्पित किया गया है । इस अवसर पर डॉ मीना भट्ट लोकायुक्त जबलपुर पूर्व जिला न्यायाधीशा, आ०कैलाश मंडलोई जी खरगोन म०प्र० पंचपरमेश्वर अधीक्षक सह प्रबंध संपादक छंदेष्टि एवं आह्लाद मासिक ई पत्रिका, आ०राजेश पुरोहित भवानीमंडी राजस्थान राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी महोदय, आ०महालक्ष्मी सक्सेना मैनपुरी उत्तर प्रदेश दैनिक कार्यक्रम प्रसारिका साहित्य संगम संस्थान, छाया सक्सेना प्रभु दी जबलपुर कोषाध्यक्षा साहित्य संगम संस्थान, आ०लता खरे व्याकरणशाला गुरु, श्री आशीष पाण्डेय जिद्दी जी, आ०इंदु शर्मा शचि दी असम प्रवेशाधीक्षिका महोदया, आ०चंद्रपाल सिंह चंद्र जी रायबरेली उत्तर प्रदेश संपादक छंदेष्टि सह दोहा-गुरु, आ०ऋतु गोयल सरगम असम सह संरक्षिका महोदया सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित थे ।