कई लोगों पर आबकारी अभियान के अंतर्गत अभियोग हुआ पंजीकृत
रिपोर्ट : दीपक कुमार श्रीवास्तव
हरदोई : जनपद में अवैध शराब के काले कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत बुधवार को आबकारी विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण व बिक्री के संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की । छापेमारी के दौरान आबकारी विभाग की टीम ने कई स्थानों से अवैध शराब बरामद करते हुए लहन को मौके पर नष्ट कराया ।
आबकारी टीम ने कोतवाली क्षेत्र कछौना के ग्राम मतुआ व सुठेना में छापेमारी के आबकारी टीम द्वारा 22 पौवा फाइटर ब्रांड शराब बरामद करते हुए, मौके से मायावती पत्नी भैयालाल निवासी मतुआ तथा चौबे राठौर पुत्र रामसेवक निवासी सुठेना को गिरफ्तार किया गया। दोनों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके अलावा थाना कोतवाली देहात के ग्राम कोढवा, थाना लोनार के सराय, थाना कोतवाली शहर के ग्राम भक्तापुर में भी आबकारी टीम के द्वारा छापेमारी की गई। जिसमें कुल 35 लीटर शराब बरामद करते हुए लगभग 400 किलो ग्राम लहन को मौके पर नष्ट कराया गया और 5 व्यक्तियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 60, 60(2) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
छापेमारी अभियान के दौरान आबकारी टीम में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र 1 सदर राम अवध सरोज, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र 2 नेहा सिंह, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र 5 अखिलेश बिहारी वर्मा, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र 3 संडीला दिलीप वर्मा तथा हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार गुप्ता, रामप्रकाश, विक्रम देव चौधरी, मसूद आलम, बलवंत सेंगर तथा कांस्टेबल इमरान, पंकज, सुनील, चंद्र मोहन, प्रेम किशोर आदि शामिल रहे।
लगातार छापेमारी के बावजूद जनपद में नहीं थम रहा अवैध शराब का काला कारोबार
आबकारी विभाग अवैध शराब पर निरंतर अभियान चलाकर कार्यवाही तो कर रहा है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। जिले भर में अवैध कच्ची, देशी के साथ अंग्रेजी शराब का व्यवसाय धड़ल्ले से चल रहा है। कई बार आबकारी टीम मौके पर पहुंचकर शराब जप्त करती है, इसके बाद भी अगले दिन वहां फिर बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने और बेचने का कार्य शुरू हो जाता है। छिटपुट गुडवर्क के दम पर आबकारी विभाग व पुलिस प्रशासन उच्चाधिकारियों को चकमा भले ही दे, मगर कहीं न कहीं उनकी भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। सरकार की प्रदेश को अवैध शराब के काले कारोबार से मुक्त करने की मंशा के चलते तमाम कोशिशों के बावजूद जिले में जगह-जगह देशी शराब का व्यवसाय चल रहा है। युवक नशे के गिरफ्त में बर्बाद हो रहे हैं। मगर जब तक पुलिस और आबकारी विभाग में मौजूद विभीषण दारू की लंका की निगरानी करते रहेंगे, तब तक जिले से अवैध जहरीली शराब का सफाया होना नामुकिन है।