नगर पंचायत अझुवा के वार्ड 8 के बहुचर्चित रास्ते के निर्माण का हल नहीं निकाल पाये आला अधिकारी, कभी भी दोनों पक्षों का विवाद बदल सकता है खूनी खेल में

कौशांबी : उत्तर प्रदेश के जनपद कौशांबी अन्तर्गत नगर पंचायत अझुवा स्थित वार्ड नंबर 8 अमिरतापुर में बहुचर्चित आम रास्ते की इंटरलॉकिंग उखाड़ने व रास्ते को बॉउंड्रीवाल के अंदर कर लेने के संबंध में गाँव के ही शिकायत कर्ता संतोष विश्वकर्मा ने उपजिलाधिकारी सिराथू राकेश श्रीवास्तव को दिए प्रार्थना पत्र के माध्यम से रामभवन व कंचन मौर्य पर आरोप लगाया कि नगर पंचायत द्वारा निर्मित इंटरलॉकिंग को उखाड़ कर बॉउंडरीवाल खड़ी कर दी गयी है । उन्होंने रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की माँग की है । वहीं रामभवन व कंचन मौर्य ने मीडिया को बताया कि हमने अपनी भूमिधरी जमीन पर आने जाने के लिए रास्ते का निर्माण कराया था । रास्ता बेकार हो जाने के कारण ईटों को उखाड़कर हमने मिट्टी डलवाई है ।

पांच वर्ष पूर्व नगर पंचायत द्वारा पी पी एक्ट का मुकदमा हमारे विरूद्ध दर्ज किया गया था । उपजिलाधिकारी सिराथू ने हमारे पक्ष में फैसला किया था । जिसका सारा रिकॉर्ड हमारे पास मौजूद है । विपक्षी संतोष विश्वकर्मा, सन्तलाल विश्वकर्मा आदि लोग हमारी जमीन में जबरन आम रास्ता बनवाकर भूमिधरी जमीन को कब्जा करना चाहते हैं ।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला कि दोनों पक्ष का आपसी जमीनी विवाद अरसों से चल रहा है और एक-दूसरे पर मुकदमे बाजी करते रहते हैं। इस संबंध मे अधिशासी अधिकारी अझुवा सूर्य प्रकाश से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि 2015 में नगर पंचायत अझुवा द्वारा नगर विकास विभाग की “नया सवेरा” नगर विकास योजना के अंतर्गत इस रास्ते मे इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था । लेकिन कैमरे के सामने बयान देने से उन्होने इंकार कर दिया । ऐसे में सवाल यह है कि एक पक्ष रामभवन द्वारा दिए गए बयान कि उन्होंने अपनी सुविधा के लिए अपनी भूमिधरी जमीन पर निजी खड़ंजे का निर्माण कराया था और दूसरे पक्ष संतोष विश्वकर्मा द्वारा दिए बयान कि नगर पंचायत अझुवा द्वारा इस मार्ग पर इंटरलाकिंग लगाई गई थी में से किसके तथ्य सत्य एवं प्रमाणिक हैं?

सवाल यह भी है कि मामले मे नगर पंचायत प्रशासन उदासीन होकर विवाद को बढ़ने का इंतजार क्यों कर रहा है, यदि वास्तव मे उस मार्ग पर नगर पंचायत द्वारा इंटरलाकिंग लगवाई गई थी और उसके पास इससे संबंधित साक्ष्य मौजूद हैं तो कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा?

हालांकि वित्तीय वर्ष 2014-15 मे इसी सड़क के प्रस्ताव पर इंटरलाकिंग सड़क के निर्माण हेतु नगर पंचायत अझुवा को दिनांक 10 दिसंबर 2014 के एक शासनादेश से नगर विकास विभाग की नया सवेरा नगर विकास योजना से पचास प्रतिशत धनराशि प्राप्त हुई थी और पुन: दिनांक 21 मई 2015 के अन्य शासनादेश से शेष रकम भी मिल गई थी।
अगर नगर पंचायत प्रशासन अझुवा और कौशांबी पुलिस प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता है तो कभी भी विवाद खूनी खेल में बदल सकता है ।

जिला ब्यूरो चीफ आई वी 24 न्यूज़ कौशांबी से मसुरिया दीन मौर्य की रिपोर्ट