सिराथू, कौशाम्बी : स्वच्छता सर्वेक्षण में टाप आने वाली नगर पंचायत अजुहा की दलित बस्तियों में जमा प्रदूषित पानी संंक्रमण को दावत दे रहा है । पानी निकास न होने से नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बीच रास्तों में भर जाता है। लोगों को पानी व कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
कस्बे के विभिन्न वार्ड नम्बर दो अम्बेडकर नगर की दलित बस्ती टयूबवेल नम्बर दो के बगल में स्थित तालाब का गंदा पानी नगर पंचायत द्वारा दो माह पहले ऊंचाई से बनाई गई नाली व रास्ते में बनाई गई पुलिया से प्रदूषित पानी न निकलकर बगल के बीच रास्ते में बह रहा है। वहीं वार्ड नंबर तीन व छह की दलित बस्तियों के तालाबों में गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बीच रास्ते में भर जाता है। तालाबों के बगल में रहने वालों का जीना दुश्वार हो गया है। जिम्मेदारों की भारी मनमानी व कमीशन खोरी के चलते इन्हीं दलित बस्तियों के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार आखिर क्यों हो रहा है?
दलित बस्तियों के शारदा , दहला, सोनू, मानसिंह, बुधराम, राजाराम, अनीता, खलीफा, संतोष कुमार आदि मौजूद लोगों ने बताया कि बस्तियों में नाली की सफाई करवाई तो जाती है लेकिन कचड़ा कूड़ा समय से नहीं उठाने के कारण वही कूड़ा नालियों में पहुंचने से नालियां चोक हो रही हैं। नगर पंचायत कर्मी इन बस्तियों में कभी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव व सेनेताइजर नहीं करते हैं। यही जनता ने अपने नगर व वार्डों की जनसमस्या को चुस्त दुरुस्त करने व क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना है। लेकिन इन गरीबों, शोषितों व वंचितों की सुधि जिम्मेदार नहीं ले रहे हैं। संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने वाले दलित बस्तियों के लोगों में जनप्रतिनिधिओं व अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
—————जिला ब्यूरो चीफ IV24 न्यूज कौशाम्बी मसुरिया दीन मौर्य की रिपोर्ट