● अवशेष जलाने वाले किसानों को जुर्माने के साथ जेल भी जाना पड़ सकता है । प्रशासन की इस पर है पैनी नज़र ।
कछौना (हरदोई) : धान व गन्ना कटाई के बाद अवशेषों को आग के हवाले करने वालें किसानों को जुर्माना के साथ जेल जाना भी पड़ सकता है। खाली खेतों पड़े अवशेषों पर आग लगाने वाले किसानों पर प्रशासन की पैनी नजर है। अमूमन किसान पराली व ठूंठों को आग के हवाले कर देते हैं। जिससे पर्यावरण के साथ मित्र कीट भी जलकर मर जाते हैं। जिसका सीधा असर मिट्टी की उत्पादन क्षमता पर पड़ता है। इससे मिट्टी बंजर भूमि की तरफ बढ़ती जा रही है।
कृषि रक्षा पंचायत अधिकारी ने बताया की अवशेषों को जलाने के बजाय उनकी खेत में ही कंपोस्टिंग कर दी जाए। जिससे मिट्टी को एनपीके की पर्याप्त मात्रा मिल जाती है एवं भूमि के कार्बनिक तत्व बैक्टीरिया, फफूंद व अन्य पोषक तत्व सुरक्षित रहेंगे। पर्यावरण संतुलन बना रहेगा व ग्लोबल वार्मिंग में भी कमीं आएगी। जिससे लोगों को प्रदूषण से निजात मिलेगी। अवशेषों को जानवरों के चराने में भी प्रयोग कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक डॉ० आशुतोष कुमार मिश्र ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों को चयनीकृत कर जुर्माने की कार्यवाही की जा रही है। किसान बंधु राष्ट्र, प्रदेश तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को समझे। अपने खेतों में पराली, फसल अपशिष्ट कदापि न जलाएं। कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रारीपर सिस्टम का प्रयोग अनिवार्य है।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता