देशप्रेम दिवस (23 जनवरी)

दिल्ली चलो, के नारे से भारत मे अलख जगाई थी।
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा महिमा गाई थी।।

पूर्ण स्वराज्य के लक्ष्य को जिसने आगे रखा था।
ओजस्वी भाषण से अपने भारत को जोड़े रखा था।।

राष्ट्र भक्ति का भाव जिसने जन जन में जगाया था।
सुभाष के कथनों से अखिल विश्व घबराया था।।

झुकना नहीं शेर की तरह दहाड़ना चाहिए।
सिर आगे किसी के भी न झुकाना चाहिए।।

विश्वशक्ति बने भारत इसके लिए गम्भीर था।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस सचमुच महावीर था।।

तेईस जनवरी देशप्रेम दिवस फिर आया है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस के विचारों ने जगाया है।।

-राजेश पुरोहित