मोदी-सरकार की ग़ुलाम मानसिकता

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार!

अपने यातायात-पुलिस-तन्त्र को सचेत कर दो कि हमारी ‘देवनागरी लिपि’ और ‘हिन्दी-भाषा’ के प्रयोग के प्रति ‘नीचता की पराकाष्ठावाला कृत्य न करे, अन्यथा जब हम अपनी मातृभाषा की विकास और व्याप्ति के समर्थन में यदि सड़कों पर उतरे तो तुम्हारी ग़ुलाम मानसिकता की ‘अरथी’ उठ जायेगी।

सेंट्रल मोटर ह्वेकिल अधिनियम की धारा ‘५०-डी’ को बदलो। हम हिन्दी में हर जगह अंकों और शब्दों का प्रयोग करेंगे, जो करना हो, कर लो। मेरे वाहन की संख्यापट्टिका ‘देवनागरी लिपि’ और ‘हिन्दी-अंक-अक्षर में हैं। मैं गर्व के साथ ‘देवनागरी लिपि’ और ‘हिन्दी-भाषा’ का व्यवहार करता हूँ।