● मलेशिया में भारतीय दूतावास ने आईएनए की सिपाही रहीं अंजलाई पोन्नुसामी को किया सम्मानित
●आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कार्यक्रम का हुआ आयोजन
वर्ष 2023 में देश को आजादी मिले 75 साल पूरे हो जाएंगे। इस मौके को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम का आगाज किया था। इसके तहत देश ही नहीं विदेशों में भी 75 सप्ताह तक विभिन्न तरह के प्रोग्राम आयोजित किए जाने हैं। इस कड़ी में मंगलवार को मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने एक समारोह आयोजित किया, जिसमें आजादी हिंद फौज (आईएनए) की महिला रेजीमेंट ‘झांसी की रानी’ की सिपाही रही मैडम अंजलाई पोन्नुसामी का 101वां जन्मदिन मनाया गया।
मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर बताया कि इस समारोह का आयोजन भारतीय हाईकमीशन, नेताजी वेलफेयर फाउंडेशन, नेताजी सेवा केंद्र और भारत-मलेशिया हेरिटेज ग्रुप ने संयुक्त रूप से किया था। कार्यक्रम में अंजलाई को रजत पट्टिका देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए उच्चायुक्त मृदुल कुमार ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपने निस्वार्थ योगदान के लिए मलेशिया के युद्ध नायकों और नायिकाओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान को हम एक युगांतरकारी घटना के रूप में हमेशा याद रखेंगे।
अंजलाई पोन्नुसामी 1943 में दुनिया की पहली महिला सेना आईएनए की ‘झांसी की रानी’ रेजीमेंट में शामिल हुई थी। उन्हें कॉम्बैट ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित किया गया था। भारत को अंग्रेजी हुकूम से मुक्त दिलाने के प्रयास में अंजलाई ने बर्मा-भारत सीमा तक आईएनए के सैनिकों का नेतृत्व भी किया था। उन्हें नेताजी सेवा केंद्र द्वारा “वीरा थई” (बहादुर मां) की उपाधि से भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उच्चायुक्त मृदुल कुमार समेत उप उच्चायुक्त अर्चना नायर, आईएनए के लेफिटिनेंट कर्नल नॉनजेनरियन सुंदरम और मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया।