लखनऊ ब्रेकिंग…
अवनीश मिश्रा :
एक तरफ जहां लोग विश्वव्यापी महामारी का सामना कर रहे हैं और भारत में लोग अपने जीवन को बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई ऐसे भी लोग हैं जो आपदा को अवसर में बदल कर आम जन को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
कुछ लोग तो ऐसे भी है जो कोरोना जैसी गंभीर महामारी में भी अपनी अय्याशी में कोई कमी नहीं रख रहे। कोई शराब और नशे के बिना नहीं रह पा रहा तो कोई जिस्मफरोशी के जरिए अपना मन बहला रहा। जिसका ताजा मामला लखनऊ में देखने मिल रहा।

बीते दिनों एक पैसे वाले व्यक्ति के लड़के ने सात लाख रुपए देकर थाईलैंड से एक कॉल गर्ल को लखनऊ बुलाया जो कि 10 दिनों तक लखनऊ में रही। उसके बाद कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर उसकी मृत्यु हो गई। जिसका दाह संस्कार भी लखनऊ में उसके ब्रोकर की मौजूदगी में करवा दिया गया।
इस मामले पर सपा प्रवक्ता आई पी सिंह ने ट्वीट कर भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ पर गंभीर आरोप लगाकर उत्तरप्रदेश पुलिस पर भी सवालिया निशान लगाते हुए बोला कि “प्रधानमंत्री के साथ खड़े होकर मुस्कुरा रहे भाजपा सांसद संजय सेठ के सुपुत्र पर गंभीर आरोप हैं। दुनिया भर में चल रही महात्रसादी के बीच थाईलैंड से एक कॉलगर्ल बुलाई गई, जिसकी अब कोरोना से मौत हो गई है। क्या पुलिस में हिम्मत है कार्यवाही और जांच करने की?
मामले के खुलासे के बाद अब लखनऊ कमिशन्रेट पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय जिस्मफरोशी के व्यापार का नेटवर्क तलाश रही है। आखिर लखनऊ से कैसे जुड़े हैं विदेशी कॉलगर्ल के तार?
तलाश के दौरान पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार वो विदेशी कॉल गर्ल राजस्थान के एक ट्रैवल एजेंट के संपर्क में थी जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। लेकिन राजधानी में अपनी अय्याशी के लिए बुलाने वाले राज्यसभा सांसद संजय सेठ का बेटा अभी भी पुलिस की पकड़ से आजाद है। 10 दिनों तक लखनऊ में मौजूद कॉलगर्ल के संपर्क में आने वाले लोगों की भी पुलिस तलाश कर रही हैं।
इसको सत्ता का डर कहें या सबूतों का अभाव कि लखनऊ में
काल गर्ल बुलाने वाले भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ के बेटे से पुलिस ने अभी तक कोई पूछताछ नहीं की। सपा ने मामले का खुलासा करतेे हुए कहा कि सत्ता के दबाव में मामले को दबाने में अधिकारी जुटे है।