● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
घोर आश्चर्य! आज हमारे १६ सैनिक मारे गये हैं; परन्तु सरकारी इशारे पर ‘कोरोना’ का भय दिखानेवाले दल्लाल समाचार-चैनलों मे साहस नहीं है, जो हमारे सैनिकों की अति दर्दनाक मृत्यु की ख़बर दिखा सकें और उस पर त्वरित ‘पैनल’ गठित कर, परिचर्चा करा सकें।
अब समय आ चुका है कि हम लोकतन्त्र के लिए अति घातक सभी समाचार-चैनलों के कार्यक्रम को देखना बन्द कर दें और ‘यू ट्यूब’ के माध्यम से प्रदर्शित किये जा रहे निष्पक्ष समाचार-चैनलों को प्राथमिकता दें।
आज (२३ दिसम्बर) सिक्किम मे सेना की एक ट्रक खाई मे गिर गयी और ट्रक के परखच्चे उड़ गये, जिसमे कुल २० सैनिक सवार थे। उनमे से हमारे १६ सैनिक असामयिक मृत्यु को प्राप्त कर गये थे और शेष ४ सैनिक गम्भीर रूप से घायल हैं।
यह घटना आज पूर्वाह्ण लगभग ८ बजे की है, जो उत्तरी सीमा की ‘जेमा’ इलाक़े मे घटी थी। सेना की ट्रक सैनिकों को लेकर ‘चटन से थम्बू’ जा रही थी, तभी वह सैन्य-वाहन जेमा-मार्ग पर एक सँकरे मोड़ के खड़े ढलान पर फिसलकर एक गहरी खाई मे गिर पड़ा। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक तीन वाहनो के काफ़िले का एक हिस्सा थी।
मरनेवाले सैनिकों मे ३ कनिष्ठ कमीशंड-प्राप्त अधिकारी और १३ सैनिक शामिल थे।
हमारा ‘मुक्त मीडिया’ अपने शूर-वीर जवानों की स्मृति को नमन (‘नमन्’ अशुद्ध है।) करते हुए, अपनी भावाञ्जलि अर्पित करता है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ दिसम्बर, २०२२ ईसवी।)