किस्मत को कोस रहे हैं किसान, जान की आफत बन गये आवारा जानवर

हरदोई– खेतों में फसलों को रौंद रहे आवारा पशुओं के आतंक से किसान रोने को मजबूर हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। बालामऊ के किसान ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि किसान एक एकड़ खेत में रबी की फसल को हजारों की लागत बडीबड़ी मेहनत करके तैयार करते हैं लेकिन छुट्टा घूम रहे पशु फसल को बरबाद करने में देर नहीं करते हैं। ऐसे में एक एकड़ में दो कुंतल उपज की पैदावार ब-मुश्किल हो सकती है।

किसान ने आवारा पशुओं को लेकर सरकार के सिस्टम को इसका जिम्मेदार ठहराया है। सरकार के फरमानों से बेचारे किसान दिन-रात जागकर फसलों को छुट्टा पशुओं से बचा रहे है। बावजूद इसके मवेशी मौका पाकर चट कर रहे है। किसान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने गोवंशों को गोशालाओं में शिफ्ट करने के फरमान दिए। इतना सब कुछ होने के बाद सड़कों से खेतों तक छुट्टा पशु आफत बने घूम रहे हैं। किसान ने सरकार से छुट्टा घूम रहे पशुओं से फसलों के बचाव कराने की गुहार लगाई है। 

किसान ने कहा कि आवारा पशुओं के झुण्ड से कई किसान चोटिल हो चुके है। उसने कहा बैकों से कर्ज लेकर किसान खाद, बीज, सिंचाई और तमाम कार्यों में खर्च करते हैं। ऐसे में फसल की पैदावार न होने पर वह कर्ज की कहां से अदायगी करेगा और किस तरह से परिवार की रोजी-रोटी चलेगी? किसानों ने सरकार से छुट्टा पशुओं से नष्ट हुई फसलों के एवज में मुआवजा दिए जाने की मांग की है।