● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
जयपुर (राजस्थान) मे सचिवालय के पास ‘योजना भवन’-स्थित ‘सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग’ के बेसमेण्ट की आलमारी मे रखे एक बैग मे से एक किलोग्राम सोने की सिल्ली (मेड इन स्विट्ज़रलैण्ड), ₹५०० (१७,१०७ नोट) और ₹२,००० (७,२९८ नोट) बरामद किये गये हैं, जिनके मूल्य क्रमश: ₹१ करोड़ ४५ लाख ९६ हज़ार और ₹८५ लाख ५३ हज़ार ५०० बताये जा रहे हैं।
यह प्रकरण १९ मई को तब सामने आया था जब ‘रिज़र्व बैंक ऑव़ इण्डिया’ की ओर से ₹२००० के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की गयी थी।
अब प्रश्न है, सोने की एक सिल्ली और करोड़ों रुपये की धनराशि ‘सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग’ की आलमारी मे किसने रखे थे और वे किसके हैं?
राजस्थान की अशोक गहलौत-सरकार का अब यह दायित्व बनता है कि उक्त प्रकरण की निष्पक्षतापूर्वक जाँच कराये और इसे दबाने का उपक्रम न कराये।
प्रथम दृष्ट्या यह प्रकरण ‘काला धन’ की ओर इशारा कर रहा है, जिसमे से ‘भ्रष्टाचार की बू’ आ रही है।
(इस विषय पर सकारण लेख निकट भविष्य मे लिखूँगा।)
(सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २१ मई, २०२३ ईसवी।)