हरदोई– कोतवाली कछौना क्षेत्र अंतर्गत कस्बा कछौना में खेत मे फूल तोड़ने गई 11 वर्षीय बालिका को जहरीले सर्प ने काट लिया। बालिका को परिजनों द्वारा आनन-फानन में नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए जिला मुख्यालय रेफर कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के वार्ड नंबर 12 कछौना बाजार पूर्वी निवासी संजय मौर्य की 11 वर्षीय पुत्री प्रीति सोमवार तड़के अपनी बड़ी बहन रिया और चचेरी बहन के साथ पूजा हेतु फूलों को तोड़ने के लिये खेतों पर गई हुई थी। तीनों बहने फूल तोड़ने के बाद खेतों से वापस लौट रही थीं, इसी दौरान जहरीले सर्प पर प्रीति का पैर पड़ गया और उसने बालिका के दाहिने पैर में काट लिया। बालिका को काटने के बाद सर्प झाड़ियों मे चला गया।
सर्प दंश के बाद पीड़िता घबराकर रोने चिल्लाने लगी, साथ गयी बहनों ने घर आकर सूचना दी। परिजन बिना देरी किये बालिका को इलाज के लिए तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। जहाँ मौजूद चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद बालिका की हालत को गंभीर देखते हुए जिला मुख्यालय हरदोई रेफर कर दिया। समाचार लिखे जाने तक बालिका का जिला मुख्यालय हरदोई के नयागांव स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था।
बालिका के पिता संजय मौर्य ने मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि चिकित्सक ने उसकी पुत्री की स्थिति खतरे से बाहर बताई है। वहीं जिले की सीएचसी कछौना में बतौर चिकित्सक सेवा दे चुके और हाल ही में वीआरएस लेकर सेवामुक्त हुए डॉ मुकेश गुप्ता ने बातचीत के दौरान बताया कि गर्मी और उमस के साथ बरसाती मौसम में सांपों की कई प्रजातियां करैत, कोबरा, वाइपर आदि बिल से बाहर निकल कर विचरण करने लगते हैं। ऐसे मौसम में सर्पदंश के मामले अधिक बढ़ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। झाड़-फूंक या जड़ी बूटी के चक्कर में पड़ने के बजाय पीड़ित व्यक्ति को प्राथमिक उपाय करके नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए।
डॉ० गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक उपायों के तहत जिस स्थान पर सर्प ने काटा है उससे थोड़ा ऊपर व नीचे कसकर बांध देना चाहिए, उसके बाद पीड़ित मरीज को बिना देरी किये तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाना चाहिए। सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति के नजदीक भीड़ न लगने दें, उसे हौसला देते रहें और उससे बातचीत करते रहें ताकि वह बेहोश न होने पाए।
डॉ मुकेश गुप्ता ने बताया कि सर्प के काटने के बाद पीड़ित व्यक्ति में कई तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं। जिनमें सर्प काटने के घाव के आसपास सूजन और लालपन, सांस लेने में दिक्कत, उल्टियां होना, आंखों के सामने अंधेरा छाना, घाव वाले स्थान पर जलन होना, चेहरे और पैर में अकड़न होना आदि प्रमुख लक्षण हैं।