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देश के सभी कोचिंग-संस्थानों को बन्द कराया जाये

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

प्रतिवर्ष ‘नीट’ तथा राज्य-स्तरीय लगभग समस्त प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं में ‘सॉल्वर गैंग’ पकड़े जाते हैं; किन्तु ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ तथा राज्य-सरकारें हाथ-पर-हाथ धरे बैठी हुई हैं। कोचिंग-संस्थान के कर्त्ता-धर्त्ता ‘पेपर आऊट’ कराकर अरबों-खरबों रुपये की कमाई करते आ रहे हैं। क्यों नहीं एक कठोर क़ानून बनवाकर और पारदर्शिता के साथ उस क़ानून को लागू करवाकर, देश के सभी कोचिंग संस्थानों को बन्द कराया जाता? कोचिंग-संस्थानों के कारण ही लगभग सभी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा कराये जाने से एक-दो दिनों-पूर्व ही सार्वजनिक करा दिये जाते हैं। इतना ही नहीं, वास्तविक परीक्षार्थियों के स्थान पर छद्म परीक्षार्थियों को परीक्षाभवनों में बैठाकर परीक्षाएँ दिलवायी जाती हैं। ऐसा नहीं कि देश की केन्द्र और राज्य की सरकारें इन घटनाओं से अनभिज्ञ हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि किस तरह से जुगाड़ करके सरकार बचायी जाये और बनायी जाये, सरकारों की एकमात्र प्राथमिकता रही है।

सरकारों, विशेषत: ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ नख-शिख नितान्त निकृष्ट कृत्यों को सम्पादित करने में लगी हुई है। यही कारण है कि कथित सरकार की उदासीनता के चलते, हमारे देश की योग्य छात्र-छात्राएँ विफल होने के कारण आत्महत्या करती आ रही हैं। परीक्षाओं में कदाचार करनेवाले आरोपितों को पकड़ा जाता है; किन्तु उन्हें किस प्रकार की सज़ा दी जाती है, सरकार इसे सार्वजनिक करे।

सच यह है कि अन्य दलों की तुलना में भारतीय जनता पार्टी की जहाँ-जहाँ सरकारें हैं वहाँ-वहाँ भ्रष्टाचार चरम पर है; स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति चेतना शुष्क पड़ती दिख रही है। इसी क्रम में अन्य दलों की सरकारें भी हैं; किन्तु वे धर्म के नाम पर अपने नागरिकों को बरगलाकर उनके आत्मिक उत्थान के मार्ग में बाधक बनती दिख नहीं रही हैं।

अब देश के मतदाताओं को नये सिरे से उपर्युक्त विषयों की गम्भीरता को समझते हुए, देशहित में कठोर निर्णय करना होगा, अन्यथा देश को पूरी तरह से गर्त में ले जाने का प्रारूप कथित सरकार ने तैयार कर लिया है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १७ सितम्बर, २०२१ ईसवी।)