जयपुरिया स्कूल मे किया गया चित्रकला-प्रदर्शनी का आयोजन

सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, लखनऊ ने 20 मार्च 2023 को “ब्लूमिंग ब्रश” की विषय (थीम ) पर आधारित एक चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रदर्शनी में छात्रों की कलात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया और उप-विषयों जैसे कि भगवान शिव, सुरम्य परिदृश्य, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, अमूर्त कला और वेक्टर पेंटिंग को शामिल किया। प्रदर्शनी एक शानदार सफलता थी, और आगंतुक युवा कलाकारों की रचनात्मकता और कल्पना से मंत्रमुग्ध हो गए थे।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन श्री आलोक कुमार कुशवाहा (पूर्व प्रधानाचार्य व डीन , आर्ट कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय) द्वारा किया गया। उनकी प्रतिक्रिया और अंतर्दृष्टि छात्रों के लिए ज्ञानवर्धन रही । उनके ज्ञान भरे शब्द नवोदित कलाकारों के लिए सोने पर सुहागा साबित हुए। अतिथि के रूप में रेडियो जंक्शन की डायरेक्टर व रेडियो जॉकी शालिनी सिंह व उनकी टीम की ट्रांसजेंडर सदस्य मीनू ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर बच्चों की कला प्रदर्शनी को सराहा। प्रर्दशनी में विजुअल आर्ट गैलरी में स्प्रिचुअल पेंटिंग संग्रह में हर आकृति ,रंग संयोजन और भावपक्ष का प्रदर्शन इतने सरीखे ढंग से किया गया कि कक्ष में प्रवेश करते ही उन भावों को महसूस करते हुए आप आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने लगें। ट्रांसजेंडर और LGBT कम्युनिटी को परिभाषित करती पेंटिंग जो कि एक्जीविशन में प्रवेश करते ही दिखाई दे रही थी आगन्तुकों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही। रेडियो जंक्शन की डायरेक्टर व रेडियो जॉकी शालिनी सिंह जो ट्रांसजेंडर मुद्दों पर कार्यक्रम करती हैं उन्होंने इस प्रयास की प्रसंसा की और कहा कि ये पेंटिंग हमारे रेडियो टीम व समस्त ट्रांसजेंडर को गौरवान्वित करती हुई हमारे विशेष आतिथ्य की सबसे बड़ी और सुंदर सौगात है।

भगवान शिव का उप-विषय कला प्रदर्शनी की एक प्रमुख विशेषता थी जो लोगों को उनके आध्यात्मिक पक्ष से जोड़ने में सहायक सिद्ध हुई। प्रदर्शित की गई कलाकृति छात्रों की प्रतिभा का अद्वितीय उदाहरण साबित हुई। सुरम्य परिदृश्य इतने यथार्थवादी थे कि आगंतुकों को ऐसा लगा जैसे उन्हें किसी दूसरी दुनिया में ले जाया गया हो। बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट सेगमेंट भी प्रभावशाली था, जहां छात्रों ने बोतलों, अखबारों और प्लास्टिक की थैलियों जैसी बेकार सामग्री का उपयोग करके उत्कृष्ट कृतियों का निर्माण किया।

प्रदर्शनी के सबसे प्रभावशाली पहलुओं में से एक कक्षा 1 से 5 के छोटे छात्रों द्वारा बनाई गई कलाकृति थी। उनकी रचनाएँ, जिनमें इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलों से बनी कलाकृतियां, कपड़े पे की गई पेंटिंग और जूते पर की गई पेंटिंग शामिल रहीं।छात्रों ने टीलाइट कैंडल होल्डर कला के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा को व्यक्त किया, जिसने छात्रों के ध्यान को विस्तार से प्रदर्शित किया। छात्रों की कलाकृति पाब्लो पिकासो, एडवर्ड मुंच, विन्सेंट चार्ल्स गॉग और सल्वाडोर डाली जैसे उस्तादों को श्रद्धांजलि थी।

प्रदर्शनी की सकारात्मकता और आगंतुकों की सराहना ने इस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम कोचटी जी के सराहना भरे शब्दों द्वारा कार्यक्रम का समापन हुआ।