सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

बच्चे चले स्कूल की ओर

सुबह-सवेरे
उठो-उठो अब आंखे खोलो
सबसे प्यारी बातें बोलो।
सूरज जगा हुआ प्रभात
ढल गई है सारी रात।
चिड़िया ने फिर गाना गाया
सबके मन को खूब हर्षाया।
बच्चे चले स्कूल की ओर
जिनके हाथों भविष्य की डोर।
चलो चलो अब जागो प्यारे
उज्ज्वल होंगे भाग्य तुम्हारे।

प्रियंका गुप्ता पथिक
(मेंटल हेल्थ काउंसलर)
पता- नई दिल्ली, 110022