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जहरीले दूध के कारोबारी की जमानत खारिज

  • जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रमौलि शुक्ल ने खारिज की नवीन मिश्र की जमानत ।
  • वर्षों से बड़ी मात्रा में अपमिश्रित दूध बिक्री में लिप्त था अभिषेक दूध डेयरी का संचालक ।
  • खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार वर्मा के द्वारा 17 फरवरी 18 को थाना संडीला में दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट ।
  • जज ने भी माना अपमिश्रित दूध से जहां अनेक गंभीर बीमारियां हो सकती हैं वहीं बच्चों के लिए यह हो सकता है जानलेवा ।
  • 27 हजार लीटर मिलावटी दूध व कई हजार बोरी स्किम्ड पावडर व कैमिकल हुआ था बरामद ।

हरदोई के जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रमौलि शुक्ल ने वर्षों से बड़ी मात्रा में अपमिश्रित दूध बिक्री में लिप्त डेयरी संचालक नवीन कुमार मिश्र का जमानत प्रार्थना पत्र जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद खारिज कर दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार वर्मा के द्वारा 17 फरवरी 18 को थाना संडीला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया कि 15 फरवरी को सहायक खाद्य आयुक्त लखनऊ मंडल, उपजिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में इंडस्ट्रियल एरिया संडीला में संचालित मिश्रा डेयरी पर छापा मारा गया। छापे के समय उपस्थित योगेश मिश्रा द्वारा अवगत कराया गया कि डेयरी के संचालक नवीन कुमार मिश्र पुत्र नरेश चंद्र मिश्र निवासी जानकी पुरम लखनऊ हैं। डेयरी में निरीक्षण के दौरान 3 किलो यूरिया,100 किलो माल्टो डेक्टिन,100 किलो स्लेक्ड मिल्क,100 लीटर हाइड्रोजन पैराक्साइड सहित अन्य अनेक केमिकल व अपमिश्रक भारी मात्रा में बरामद किए गए।
इसके अतिरिक्त 15 दिसंबर 2009 को भी खाद्य निरीक्षक एवं अभियोगी अवधेश कुमार द्वारा थाना संडीला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया कि जिलाधिकारी,उपजिलाधिकारी,क्षेत्राधिकारी, प्रबंधक दुग्ध संघ हरदोई की टीम द्वारा संयुक्त रूप से इसी डेयरी पर छापा मारा गया था। छापे में पकड़े गए नमूने की जांच पराग डेयरी के अरुण कुमार यादव द्वारा मौके पर ही की गई। दूध में सीएलएफ एवं एसएनएफ मानक से कम पाया गया तथा अनक रासायनिक तत्वों की मिलावट भी पाई गई।
दोनों ही प्रकरणों में अलग-अलग आरोपी नवीन कुमार मिश्रा द्वारा जमानत की याचना की गई। जिला जज चंद्रमौलि शुक्ला ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि अपमिश्रित दूध से जहां अनेक गंभीर बीमारियां हो सकती हैं वहीं बच्चों के लिए यह जानलेवा हो सकता है। इसके अलावा आरोपी वर्ष 09 से निरंतर अपमिश्रित दुग्ध विक्रय में लिप्त है। अपराध की गंभीरता के आधार पर जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।