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इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ इण्डिया के 51वें संस्करण में बांग्लादेश होगा फोकस देश

  • भारतीय विदेश मंत्रालय की विशेष पहल पर ‘कंट्री इन फोकस’ में रखा गया बांग्लादेश
  • फिल्म फेस्टिवल में बांग्लादेशी फिल्म जिबोनधुली, मेघमल्लार, अंडर कंस्ट्रक्शन और सिंसियरली योर्स ढाका का होगा प्रदर्शन

12 जनवरी, नई दिल्ली। 51वां इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (इफ्फी) द्विपक्षीय संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे भारत-बांग्लादेश के लिए काफी महत्त्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय, फिल्म महोत्सव निदेशालय तथा गोवा सरकार द्वारा आयोजित इस फिल्म महोत्सव में भारतीय विदेश मंत्रालय की विशेष पहल पर बांग्लादेश को ‘कंट्री इन फोकस’ में रखा गया है। ‘कंट्री इन फोकस’ एक विशेष खंड होता है जिसके द्वारे देश की सिनेमाई उत्कृष्टता और योगदान को सम्मानित किया जाता है।

बांग्लादेश स्थित भारतीय दूतावास ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल ‘इंडिया इन बांग्लादेश’ से ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है। जिसमें बताया गया है कि ”16 से 24 जनवरी तक गोवा में आयोजित होने जा रहे सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्म महोत्सव इफ्फी के 51वें संस्करण में बांग्लादेश फोकस देश है।” हर साल 20 से 28 नवंबर के बीच आयोजित होने वाले इस फिल्म फेस्टिवल को कोरोना के कारण टाल दिया गया था। जिसको इस माह मिश्रित यानि डिजिटल और प्रत्यक्ष दोनों तरीके से आयोजित किया जाएगा।

इस फिल्म महोत्सव में बांग्लादेश की चार फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें तनवीर मोकम्मल की ‘जिबोनधुली’, जाहिदुर रहीम अंजान की ‘मेघमल्लार’, रुबायत हुसैन की ‘अंडर कंस्ट्रक्शन’ और ‘सिंसियरली योर्स ढाका’ शामिल है।

जिबोनधुली
‘जिबोनधुली’ 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश द्वारा शुरू किए गए मुक्ति संग्राम के दौरान एक मुनादी पीटने वाले और उसकी परिवार की कहानी है।

मेघमल्लार
‘मेघमल्लार’ लेखक अख्तरुज्जमन एलियास की कहानी रेनकोट का रूपांतरण है। इसमें एक साधारण परिवार की संवेदनाओं को दिखाया गया है, जो मुक्ति संग्राम के दौरान जीवन को बदल देने वाले अनुभवों से गुजरता है। इसे 2015 के टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के डिस्कवरी खंड में प्रदर्शित किया गया था।

अंडर कंस्ट्रक्शन
‘अंडर कंस्ट्रक्शन’ एक आधुनिक मुस्लिम महिला की कहानी है, जो बांग्लादेश के शहरी क्षेत्र में अपनी जगह बनाने लिए संघर्ष कर रही है।

सिंसियरली योर्स ढाका
‘सिंसियरली योर्स ढाका’ बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हाशिये पर रहने वाले लोगों के जीवन के चारों ओर घूमती है। इस फिल्म को बांग्लादेश के 11 निर्देशकों ने बनाया है। 93 वें अकादमी पुरस्कार में इसे सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म के लिए बांग्लादेश की प्रविष्टि के रूप में चुना गया था।

क्या है इफ्फी
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया की स्थापना 1952 में हुई थी, तब से इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन प्रतिवर्ष गोवा में किया जाता है। इस फिल्म फेस्टिवल के द्वारा विश्व भर के सिनेमा को अपनी फिल्म कला का प्रदर्शन करने के लिए प्लेटफार्म प्राप्त होता है।