टोक्यो-ओलिम्पिक में भारत–

भारतीय महिला हॉकी-खिलाड़ी खेल के दौरान अर्जित अनेक ‘पेनाल्टि कॉर्नर’ को ‘गोल’ में न बदल सकीं और पराजय का मुख देखती रह गयीं। बहरहाल, अन्तिम अवसर शेष है, ‘काँस्यपदक’ जीतने के लिए कमर कस लो। प्रतिद्वन्द्वी दल को ‘पेनाल्टि कॉर्नर’ पाने का अवसर मत दो और अधिक-से-अधिक ‘पेनाल्टि कॉर्नर’ लेकर उन्हें ‘गोल’ में बदल कर अपने ‘गोल’ (लक्ष्य) को पूरा करो और मैदानी गोल करने की तकनीक विकसित करो।

देशवासियों की शुभकामना तुम्हारे साथ है।

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ४ अगस्त, २०२१ ईसवी।