कछौना, हरदोई– विकासखंड कछौना की ग्रामसभा बिलोनी बहदिन के ग्राम मानपुर में एक दशक पूर्व में बना मिनी सचिवालय खंडहर में तब्दील हो चुका है। विभागीय अधिकारियों की कमीशनखोरी के चलते दस साल पहले लाखों रुपयों मे तैयार मिनी सचिवालय चंद दिन भी नहीं चल सका, जिससे ग्रामसभा की खुली बैठकों के स्थान की समस्या बन गयी है। हालांकि यह समस्या दस साल बाद महसूस हुई यह अलग बात है।
ग्रामसभा मे ग्राम सचिवालय मुख्य भवन होता है, यह पूरे गांव की विकास की तस्वीर बयां करता है। पूर्व ग्राम प्रधान व ठेकेदार की खाऊकमाए नीति के चलते लाखों रुपयों की लागत की इमारत चंद दिनों में खंडहर हो गई। वर्तमान समय में शौचालय का गेट टूट चुका है। दरवाजे व पल्ले टूट चुके हैं। जगह-जगह फर्श टूट गई है। पूरे भवन में प्लास्टर उखड़ चुका है। बाउंड्री चिटक गई है। ग्रामीण राजबहादुर, श्यामसुंदर, हरिश्चंद्र, सुमित शुक्ला, सुरेश, आशीष, सुशील आदि लगातार कई वर्षों से इसके जीर्णोद्धार की मांग शासन प्रशासन से लगातार कर रहे हैं, जिससे ग्रामसभा का सर्वांगीण विकास हो सके। ग्रामसभा मानपुर में कोई सार्वजनिक भवन नहीं है। निचले स्तर में बना होने के कारण हमेशा जलभराव बना रहता है। जिससे भवन तालाब का रूप ले चुका है। कूड़े के ढेर लगे हैं।
विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से राज्य संपत्ति का नुकसान हो रहा है। ईमानदार करदाताओं के पैसों के बंदरबांट होने से मिनी सचिवालय खंडहर बन गया है। आखिर लाखों रुपयों से तैयार मिनी सचिवालय खंडहर कैसे हो गया?
ग्रामीणों का आरोप है निर्माण कार्य में जमकर मानकों की अनदेखी की गई है। पीला ईंट व बालू का जमकर प्रयोग किया गया है किसी की जवाबदेही न होने के कारण मिनी सचिवालय चंद दिनों में खंडहर में तब्दील हो गया। इस समस्या के संदर्भ में ग्रामपंचायत सचिव पवन कुमार ने बताया यह भवन एक दशक पूर्व बनाया गया था काफी जर्जर की हालत में है। बजट की कमी के चलते जीर्णोद्वार का कार्य नहीं हो पा रहा है। पंचायत घर वैकल्पिक बिलोनी के बारात घर में संचालित किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के कार्य प्रभावित ना हो।