कछौना (हरदोई) – कस्बा कछौना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में लाभ दिलाने के नाम पर सभासद पति द्वारा पैसा मांगने का मामला सामने आया है l सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कस्बे के मोहल्लेवासी कुछ लोग सभासद पति पर धन उगाही का आरोप लगा रहे हैं l
कस्बा कछौना के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी बटेश्वर पुत्र छोटई, नरेश पुत्र कुबेर और बबलू पुत्र हुलासी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर सभासद पति राजकुमार द्वारा बीस हज़ार रुपये की मांग का आरोप लगाया है l अंबेडकर नगर निवासी नरेश ने बताया कि नगर कछौना की आवास सूची में बड़ी संख्या में अपात्रों के नाम शामिल है, जबकि मुझ जैसे कई पात्र लोगों को आवेदन के बावजूद योजना का लाभ नहीं मिल रहा है l इसकी शिकायत के लिए जब मैं नगर पंचायत कार्यालय पहुंचा तो वहां मौजूद लिपिक जय बहादुर सिंह ने कहा कि अपने वार्ड के सभासद से संपर्क करो l सभासद पति से संपर्क किया तो उसने प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर बीस हजार रुपये की मांग की l मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी बबलू और बटेश्वर के अनुसार उनसे भी आवास दिलाने के नाम पर बीस हजार रुपये की मांग सभासद पति राजकुमार ने की है l बटेश्वर पुत्र छोटई ने बताया कि कस्बे में आवास योजना में बंदरबांट का कार्य चल रहा है l नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि और सभासद जिसको चाह रहे हैं उसी को योजना का लाभ दिया जा रहा है l यही कारण है कि आवास सूची में बड़ी संख्या ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं जो इसके हकदार नहीं हैं l आवास योजना में पुनः आवेदन के लिए जब मेरी पत्नी रामभोली नगर पंचायत कार्यालय पहुंची तो नगर पंचायत कर्मियों ने आवेदन लेने से मना कर दिया जिसपर वहां मौजूद नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि विकास विश्वकर्मा से कहा की ऐसे लोगों को लाभ दिया जा रहा है जिनके पक्के मकान बने हैं मगर पात्र होते हुए भी मेरा आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है जिस पर नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि विकास विश्वकर्मा ने कहा कि आपको क्यों तकलीफ हो रही है l
*अधिशासी अधिकारी ने बात करना मुनासिब ना समझ सभासद को पकड़ा दिया फोन*
इस संबंध में जब संवाददाता ने नगर पंचायत कछौना पट्सेनी के अधिशासी अधिकारी विंध्याचल से दूरभाष पर बात की तो उन्होंने बात करना मुनासिब नहीं समझा और सभासद पति इरफान को फोन पकड़ा दिया l सभासद पति इरफान ने संवाददाता को धमकाते हुए मामले से दूर रहने और एफआईआर कराने की धमकी दी l
इस पूरे प्रकरण से एक बात जाहिर होती है कि शासन प्रशासन द्वारा लाभ परत योजनाओं में सुविधा शुल्क इत्यादि मांगे जाने पर एफआईआर के निर्देश के बावजूद कोई अमल होता नहीं दिखाई पड़ रहा है और विभिन्न योजनाओं में खुलेआम सुविधा शुल्क लेने, मांगने और वसूलने का क्रम जारी है l