स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर रहें और हर ग्रामीण को स्वास्थ्य सेवाएं मिले इसके लिये विकास खण्ड के गांव टिकारी में इन दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है । एक करोड़ बीस लाख की लागत से बन रहे अस्पताल की नींव ही भगवान भरोसे है । नींव में कंक्रीट का प्रयोग भी नहीं किया गया है अपितु पीली ईंट का प्रयोग किया जा रहा है । दीवारों की चुनाई में प्रयोग की जा रही सीमेंट भी घटिया किस्म की लगाई जा रही है । मानकों को दर किनार कर बनाये जा रहे अस्पताल की जब नींव ही गड़बड़ है तो सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि भवन कितने दिनों तक चलेगा ।
अस्पताल का निर्माण कर रहे ठेकेदार कन्नौज निवासी लाल बहादुर सिंह ने बताया कि मौरंग महंगी होने के कारण डस्ट का प्रयोग कर रहे हैं । पीला ईंटो के बाबत बताया कि उन्हें ऊपर तक समझना है, इसलिये मानक के अनुसार निर्माण करा पाना सम्भव नहीं है । नियमों की अनदेखी को लेकर ग्राम प्रधान सत्यपाल सिंह ने बताया कि उनके द्वारा कई बार ठेकेदार से कहा गया कि निर्माण में पारदर्शिता बनाये रखें और घटिया सामग्री का प्रयोग न करें लेकिन हमारी बात को अनसुना कर दिया गया। प्रधान ने यह भी कहा कि वे इस बाबत जिलाधिकारी से मिल कर निर्माण में हो रही अनियमितताओं की पूरी जानकारी देंगे । खास बात यह है कि मौके पर लगी पीली ईंटे हकीकत बयान कर रही हैं लेकिन आला अधिकारियों की आंखे कुछ देख ही नहीं पा रही हैं । अस्पताल के आस-पास के लोगों का कहना है कि ठेकेदार दबंगई से कार्य करा रहा है इसलिये उसके विरुद्ध कोई कुछ भी नहीं बोलेगा । यदि ऊँचे स्तर से निष्पक्ष जाँच हो जाये तो मामले की कलई खुल जाएगी । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना के अधीक्षक डॉ मुकेश गुप्ता से जब इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हाँ टेकारी गांव में अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है और यदि मानक विरुद्ध निर्माण हो रहा है तो वह अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे ।