पशु चिकित्सक की लापरवाही से गोशाला में गायों के मरने का सिलसिला जारी

कौशाम्बी जिला मूरतगंज क्षेत्र के भीकमपुर गोशाला का मामला ।

दस माह से गोशाला कर्मचारियों का वेतन रुका, कर्मचारी भुखमरी के कगार पर ।

कौशाम्बी : मूरतगंज क्षेत्र के अंतर्गत भीखमपुर गौशाला में देखा जाए तो यहां मौजूद गायें बीमार चल रही है, जिन्हें हमारे देश में इन्हें गोमाता भी कहा जाता है । गोशाला में 35 गायों में से 28 गाय बची है, जिसमे आधा दर्जन गोवंश की मौत हो चुकी है और आधा दर्जन बीमार चल रही है जिनका आज पशु चिकित्सक अरविंद दुबे द्वारा इलाज किया गया ।

मौजूद गोशाला कर्मचारी राम अजय सरोज और संतराज सरोज का कहना है कि लाकडाऊन कोरोना (कोविड19) महामारी की वजह से 2 माह से कोई पशु चिकित्सा अधिकारी और पशु चिकित्सक के ना आने से गोवंश की मौत हो रही है, जिनका समय पर इलाज न होने के कारण ग्राम प्रधान जानती देवी के लड़के रामअजय सरोज का कहना है कि अभी तक गोशाला निर्माण का पूरा पैसा न आने की वजह से न ही यहां भूसा रखने की जगह है न ही पानी की सुभिधा है और अभी तक दस माह काम करते हो गए है न ही अभी तक गौशाला में काम करने वाले कर्मचारी रामअजय सरोज , संतराज सरोज को अभी तक वेतन भी नहीं मिला है ।

गोशाला के कर्मचारियों का कहना है कि एक हजार रुपए हर माह खर्चे के लिए देते है । इसी से हमारा जीवन यापन चलता है । अभी दोनों कर्मचारियों का पच्चास हजार रुपए तक वेतन रुका हुआ है, जिससे हम लोगों को बहुत तकलीफ हो रही है । इन लोगों का कहना है कि अगर गोशाला के अंदर कोई गाय मर जाती है तो उसे उठाने और उस जगह को साफ करने के लिए कोई सफाई कर्मचारी नहीं भेजा जाता । ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत करने के बावजूद भी आए दिन गायों की मौत होने से गाँव में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है! जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है ।

जिला क्राइम रिपोर्टर अनीस अहमद कौशाम्बी 7470911400