देश के राजनेताओं-द्वारा समाज में कलह, वैमनस्य तथा द्वेष की आराधना करायी जा रही है। जिस देश को सदियों-बाद आज़ादी मिली है, उस देश की गरिमा सरकारों की दूषित राजनीति के चलते धूल-धूसरित की जा चुकी है। सभ्य-समाज पर अपराधियों का शासन है। आज हमारे लोकतन्त्र को कुचला जा रहा है।
उक्त सन्दर्भ में देश की समृद्धि और सम्पन्नता कैसे लौटायी जाये? इसका उत्तर पाने के लिए ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से १७ अगस्त को एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया जायेगा, जिसमें अवकाशप्राप्त न्यायाधीश सुरेश सिंह यादव (आगरा), संगीतज्ञ प्रभा सिंह (प्रयागराज), अध्यापक डॉ० हरिश्चन्द्र दुबे (सुलतानपुर), निजी उपक्रम में प्रबन्थक हीना शाह (अहमदाबाद), अध्यापक मधुबाला पाण्डेय (प्रयागराज), शिक्षक वीरेन्द्र प्रसाद (वाराणसी), कलाविद् और पूर्व-अतिथि प्रवक्ता नीतू सिंह, सुधीर सागर (बाराबंकी), सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रमोद कुमार प्रमोदानन्दम (लखनऊ), अधिवक्ता– उच्च न्यायालय डॉ० प्रतिभा सिंह (इलाहाबाद), दीपक कुमार यादव (बहराइच) प्रतियोगी विद्यार्थी सत्यप्रकाश तिवारी (दिल्ली) तथा विद्यार्थी विजय तिवारी (गोंडा) की भागीदारी रहेगी। यह सूचना आयोजक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने दी है।