अब विरतिया गाँव में बनेगा भव्य देवतन बाबा (शक्ति पीठ) ट्रस्टी मंदिर का कॉरीडोर-परिसर

डीएम गोण्डा के अप्रूवल होने के तुरंत बाद सैकड़ों वर्ष पुराना कब्जे वाला मंदिर होगा ट्रस्ट के हवाले

आपको बताते चलें कि पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर डीएम गोंडा ने आश्वासन दिलाया है कि जल्द ही एस०डी०एम० मनकापुर से जांच करवाकर तिवारी खानदान की मंदिर को ओमप्रकाश आदि से कब्जा मुक्त कराने की कवायद काशी कॉरिडोर के तर्ज पर शुरू कर दी जायेगी और मंदिर को इसी कॉरिडोर के तर्ज पर स्वरुप दिया जायेगा। इस कॉरिडोर परिसर निर्माण के लिए गाटा संख्या २६३ जिस आबादी भूमि में यह सार्वजनकि मंदिर बना हुआ है के पीछे गाटा संख्या २४९ (५ बिस्वा, ग्राम सभा की जमीन) व २७० (६ बिस्वा, ग्राम सभा की जमीन) का अधिग्रहण करके इसे मंदिर ट्रस्ट को भारतीय ट्रस्ट एक्ट १८८२ के अध्याय ३ के अनुसार सौंप दिया जायेगा। इस ट्रस्ट का संचालन तिवारी खानदान पट्टीदारी द्वारा किया जायेगा। जिसका एक अध्यक्ष होगा और मासिक बैठक करके मंदिर की प्रगति व संचालन के बारे में मीटिंग आयोजित करेगा और अध्यक्ष के अनुमोदन के आधार पर मंदिर का एक पुजारी नियुक्त किया जायेगा। अध्यक्ष की मंदिर प्रबंधन व देखरेख की सारी जिम्मेदारी होगी। प्रशासन इस कार्य को अधिनियम के अनुसार ग्राम प्रधान बैरीपुर को आदेशित करेगा की वे गाटा संख्या २४९ (५ बिस्वा, ग्राम सभा की जमीन) व २७० (६ बिस्वा, ग्राम सभा की जमीन) को मंदिर ट्रस्ट के नाम से पट्टा कर दें जिससे एक सार्वजनिक और भव्य मंदिर परिसर कॉरिडोर की स्थापना की जा सके।

भारतीय ट्रस्ट एक्ट के अनुसार इस सार्वजनिक मंदिर को मुक्त कराने के लिए डीएम गोंडा अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए कब्जाधारियों (ओमप्रकाश, आदि) के खिलाफ आवश्यक काररवाई करते हुए इसे ट्रस्ट को सौंप सकते हैं।

देवतन बाबा (शक्ति पीठ) ट्रस्टी मंदिर के परिसर निर्माण पर एक प्रकाश :

इस योजना के तहत लोग का मत है कि देवतन बाबा (शक्ति पीठ) सार्वजनिक मंदिर ट्रस्ट २०२२ के तहत इस मंदिर का अलग ही परिसर होगा। मंदिर के पूर्व और पश्चिम में बने आवासीय घरोः (ओम प्रकाश आदिक) से सर्वप्रथम कब्जा मुक्त कराकर गाटा संख्या २४९ (५ बिस्वा, ग्राम सभा की जमीन) व २७० (६ बिस्वा, ग्राम सभा की जमीन) सहित मंदिर निर्माण गाटा संख्या २६३ आबादी भूमि, तीनो को एक बॉउंड्री के अंदर करके इसका प्रमुख द्वार पहले की तरह गाटा संख्या २७० से होता हुआ सरकारी चकरोड २६९ में मिल जाएगा जो अभी ओम प्रकाश आदिक द्वारा निजी गेट लगा कर कब्जा कर लिया गया है।

क्या है आरोप ?

कब्ज़ाधारियों ओम प्रकाश आदिक का दावा है कि गाटा संख्या २७० (६ बिस्वा, ग्रामसभा की जमीन) जो कि नवीन परती है, उसमें से ३ बिस्वा आवासीय पट्टा है और उसके अधिकार में है। लेकिन यह एक फर्जी दावा है जो निरस्त करने योग्य है।

इसे ऐसे समझते हैं—

  • वर्ष १९९० में एस०डी०एम० मनकापुर को एक आवेदन राजीव प्रकाश त्रिपाठी पुत्र रामरंग त्रिपाठी के द्वारा दिया जाता है कि वह एक घरविहीन ग्रामसभा का निवासी है जिसे आवासीय पट्टा गाटा संख्या २७० पर दिया जाए। जिससे वह गृहनिर्माण कर सकें। बाद में यह आवासीय पट्टा, ३ बिस्वा, भ्रामक रूप से रामरंग त्रिपाठी के नाम से हो जाता है जो कि गलत तथ्यों के आधार पर निरस्त होने योग्य है।
  • वर्ष १९९० में यह आवासीय पट्टा उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम १९५० के तहत किया गया था जो इस अधिनियम की धारा १२७ के अनुसार निरस्त करने योग्य है। क्योंकि आवासीय पट्टाधारक उस समय सरकारी अध्यापन कार्य से जुड़ा था। अतः पट्टा धारक द्वारा दिया गया तथ्य बिलकुल भ्रामक और असत्य था, जिस आधार पर यह आवासीय पट्टा निरस्त होने योग्य है।
  • भू-आवासीय पट्टा अधिनियम के तहत दिए गए भूभाग पर ६ माह के अंदर धारक द्वारा गृहनिर्माण होना चाहिए, ऐसा न होने की दशा में पट्टा स्वतः निरस्त माना जाता है और यह पुनः सरकारी जमीन या नजूल की जमीन में स्थान्तरित हो जाता है।
  • यदि आवासीय पट्टा पर गृहनिर्माण नहीं होता है तो पट्टाधारक की मृत्यु के बाद यह उसके उत्तराधिकारियों को ट्रांसफर नहीं हो सकता है और अंत में यह स्वतः निरस्त होकर ग्राम समाज के खाते में जुड़ जाता है।

उपरोक्त बिन्दुओं के आधार पर मंदिर ट्रस्ट बनाये जाने में कोई विधिक बाधा नहीं प्रतीत होती है।

तिवारी खानदान के कुछ लोग द्वारा डीएम, गोंडा को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार यह परिसर १४ बिस्वा का होगा। जिसमे किसी अन्य का कोई दखल नहीं रहेगा। ग्रामसभा की आबादी २००० से ज्यादा होने के कारण कोई भी धार्मिक कार्य, मुंडन संस्कार, विवाह से सम्बंधित पूजा-पाठ अब इसी मंदिर परिसर में सुनिश्चित करने से सारे ग्रामीणवासियों में ख़ुशी की लहर है। इस प्रकार ओम प्रकाश आदिक द्वारा मंदिर को कब्जा करने के विरोध में डीएम गोंडा द्वारा एक्शन प्लान की स्वीकृति मिल जाने के तुरंत बाद ट्रस्ट का निर्माण शुरू हो जायेगा।