पर्यावरण दिवस : पर्यावरण के संतुलन के लिए हमें खुद को बदल कर एक सार्थक पहल करनी होगी

कछौना (हरदोई): वर्तमान समय में पर्यावरण को जिस तरह से अंधाधुंध नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिसे देखकर नहीं लगता कि भविष्य सुरक्षित है।  हमें ऐसी जीवन शैली अपनानी चाहिए जिससे पर्यावरण के असंतुलन से होने वाले संकट से जीवन को बचाया जा सके।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर वन रेंज कछौना में गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें एच०सी०एल० फाउंडेशन के संजय शुक्ला ने ग्रामीण लोगों को अच्छी तरह से पर्यावरण की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा हम सब बिना सोचे समझे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। जिसके परिणाम स्वरुप ग्रीन हाउस प्रभाव, सैकड़ों जीव प्रजातियों का विलुप्त होना, क्षतिग्रस्त जलचक्र व मिट्टी की गुणवत्ता में कमी जैसे संकटों का सामना करना पड़ रहा है। प्रकृति हमारी वजह से पीड़ित है। जिससे हम सब का जीवन खतरे में है। भविष्य में ऐसा एक दिन आएगा कि जल की कमी के कारण तीसरे विश्वयुद्ध की स्थिति बनेगी। हमें छोटी-छोटी बातों को अपनी जीवनशैली में उतारना चाहिए। जैसे प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए व खुले में शौच नहीं जाना चाहिए। जिससे वातावरण गंदा होता है।

 

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ ने बताया कि पर्यावरण को बचाने के लिए वृक्षों की महत्वपूर्ण आवश्यकता है जिससे स्वच्छ हवा के रूप में हम सांस लेते हैं। इस ऑक्सीजन के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इस अवसर पर एच०सी०एल० फाउंडेशन प्रवीण नायड ने बताया कि हमारा संविधान अधिकार के साथ कर्तव्य की भावना का पाठ भी पढ़ाता है। वन क्षेत्राधिकारी रिजवान अली ख़ान ने बताया कि पर्यावरण के असंतुलन के कारण लोगों में नई-नई बीमारियां जन्म ले रही हैं। पर्यावरण असंतुलन के लिए खुद को बदल कर एक सार्थक पहल करनी होगी। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि वृक्ष लगाना हम सब की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर कामीपुर के अयूब खां, हथौड़ा ग्राम प्रधान सद्दीक, पूर्व प्रधान सुठेना शशिमोहन कुमार आदि सैकड़ों पुरुष, महिलाएं व बच्चों ने प्रतिभाग किया।

रिपोर्ट: पी०डी० गुप्ता