- कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर निकले किसान, ब्लॉक मुख्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन ।
- अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा कृषि कानून वापस लेने आदि मांगों संबंधी ज्ञापन ।
कछौना (हरदोई)। कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन ख़त्म होता नहीं दिख रहा है। केंद्र सरकार की आंदोलन खत्म करने की अपील के बीच किसान नेताओं का कड़ा रुख क़ायम है। सरकार के कृषि क़ानूनों में संशोधन का प्रस्ताव ख़ारिज करने के बाद किसान संगठनों ने 14 दिसंबर को देशव्यापी आंदोलन का आवाहन कर विरोध प्रदर्शन को और तेज़ कर दिया है। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को जिले भर में विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों सहित बड़ी संख्या में किसानों ने सड़कों पर उतर विरोध प्रदर्शन किया। कछौना में ब्लॉक मुख्यालय के बाहर बड़ी तादाद में किसानों ने एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
सोमवार को किसान संगठन भाकियू (अंबावता) व भाकियू (राष्ट्रीयतावादी) के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ विकासखंड कछौना के ग्राम गाजू, कामीपुर, कुकुही, रैसों, टिकारी आदि दर्जनों गांवों के सैकड़ो महिला-पुरूष किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन व तेजी देने के लिए जिला मुख्यालय की ओर कूच कर दिया। देशव्यापी आंदोलन के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक हंसमती के नेतृत्व में सुबह से ही चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने दोपहर के समय ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार व पैदल कस्बे के स्टेशन रोड से मुख्य चौराहे की ओर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे सैकड़ों महिला-पुरुष किसानों को बीच में ही रोककर जिला मुख्यालय जाने से रोकते हुए शांतिपूर्वक प्रदर्शन की बात कही। जिस पर रजामंदी बनने के बाद किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन व सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए ब्लाक मुख्यालय की ओर कूच कर गए।
पुलिस व प्रशासन के अधिकारी ब्लॉक मुख्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने का लगातार प्रयास करते रहे, काफी जद्दोजहद के बाद किसान संगठनों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे को कृषि कानून को वापस लेने, किसानों की कर्जमाफी, एमएसपी अध्यादेश एवं किसान आयोग के गठन के साथ अन्य किसान हितों की विभिन्न मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शन समाप्त किया जिसके बाद किसानों ने अपने घरों की ओर कूच की। लगभग दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात बहाल हो सका और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। धरना प्रदर्शन के दौरान क्षेत्राधिकारी हरियावां एसआर कुशवाहा, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे के साथ प्रभारी निरीक्षक हंसमती के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मुस्तैदी से मौजूद रहा।
सरकार के किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध होने के दावे हैं खोखले – उमेश शुक्ला
ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश शुक्ला ने बताया कि देश की सत्ताधारी भाजपा सरकार के किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध होने के दावे खोखले एवं हवा-हवाई हैं। किसानों के लिए काले तीन कृषि कानूनों को सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के रूप में पेश कर रही है। सरकार का कहना है कि इससे बिचौलिये हट जाएंगे और किसान अपनी फसल देश में कहीं भी बेच सकेंगे। जबकि ऐसा नही है नये कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था और मंडियाँ खत्म हो जाएंगी और किसान कॉरपोरेट की दया पर निर्भर रह जाएंगे।