माइनर की सफाई न होने से सिंचाई के लिए बूंद-बूंद पानी को तरस रहे अन्नदाता

राहुल मिश्र, बघौली

बघौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नहर से निकलने वाला विक्टोरिया गंज माइनर किसानों के लिए सिर्फ धोखा बनकर रह गया है । यहां के किसानों को इस माइनर में सिंचाई के समय पानी आने की काफी आस रहती है और इसी माइनर के पानी से सिंचाई करने के बाद वह अपनी फसलों को बोता है । इस माइनर की लंबाई लगभग बीस किलोमीटर है और यह माइनर कई गाँवों की सिंचाई के लिए मुख्य स्रोत है ।लेकिन यह माइनर कई महीनों से सूखा पड़ा है, जिससे यहां के किसानों को सिंचाई के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।

इस विक्टोरिया गंज माइनर से दर्जनों गांवो जैसे अनवर खेड़ा, रसूलपुर, दौलतपुर, महंगे खेड़ा, गोपार, रामपुर, नींभी, जासू आदि की सिंचाई होती है । लेकिन इस बार माइनर में पानी आना तो दूर की बात है, माइनर की अभी सफाई तक नहीं हुई है । किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं लेकिन सिंचाई विभाग किसानों को हो रही इस असुविधा से अनजान बना हुआ है । बेचारा गरीब किसान किसी तरह मेहनत मजदूरी करके खाद बीज की व्यवस्था करता है । जब उसे माइनर का पानी मिल जाता है तो उसकी जेब पर सिंचाई के लिए पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ काफी कम हो जाता है, जिससे किसान काफी राहत महसूस करता है । सिंचाई विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि क्षेत्र में रबी की बुवाई जोरों पर होने के बावजूद किसानों को माइनर का पानी नसीब नहीं हो रहा है, जिससे इन अन्नदाताओं को खेतों की सिंचाई करने के लिए पंपिंग सेट आदि का सहारा लेना पड़ रहा है । विभागीय कदाचार के चलते खस्ताहाल किसानों को खाद बीज के अलावा पंपिंग सेट से सिंचाई के लिए डीजल के लिए भी अतिरिक्त पैसों की व्यवस्था भी करनी पड़ रही है । इन सबके बीच किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति काफी रोष व्याप्त है और सरकार द्वारा टेल तक पानी पहुंचाने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं ।