प्रतिकार करो हिन्दूवादियो! तुम्हारी मा को गाली दी है, बी० जे० पी० के एक प्रत्याशी ने!

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

मोदी-योगी! डुमरियागंज के अपने उस हरामी और दोगले क़िस्म के बदज़ात विधायक और प्रत्याशी राघवेन्द्र सिंह को समझा लो, जिसने कहा है,”बीजेपी को वोट न देनेवाला हिन्दू नाजायज़ औलाद है।” और भी बहुत कुछ कहा है, उस दोगले कुत्ते ने। उस निर्लज्ज को अपनी मा से पूछना चाहिए कि वह स्वयं किसकी औलाद है। उसके बाप का कोई ग़ुलाम है कि उसके इशारे पर मतदान करे।


राघवेन्द्र सिंह
(भारतीय जनता पार्टी-प्रत्याशी– डुमरियागंज, उत्तरप्रदेश)

डूब मरो! डूब मरो, भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करनेवाले हिन्दू और हिन्दुत्व के ठीकेदारो! चुल्लूभर पानी मे डूब मरो। डुमरियागंज का नामर्द और भँड़ुआ इतना रंगबाज़ हो गया है कि जो चाहे बक दे और मोदी-योगी को साँप सूँघ जाये। मुख्य चुनाव आयुक्त और उसके अधिकारी इतने नामर्द हो गये हैं कि मोदी-योगी से लेकर उसके दल के जो भी प्रत्याशी जैसा चाहें, बोलते रहें; कहीं कोई अंकुश नहीं। मतदाताओं को धमकाया जा रहा है। हम अपनी आन-बान-शान पर आँच नहीं आने देंगे, चाहें जो भी करना पड़े।

मोदी-योगी-शाह-नड्डा! तुम लोग भूल चुके हो, परशुराम के कोप को। अपनी मर्यादा मे रहो; हमे उकसाओ मत। चुनाव आते हैं, जाते हैं; कोई हारता है, कोई जीतता है; परन्तु इस देश मे तुम लोग और तुमसे जुड़े संघटनो और तुम्हारे दल के कुछ लोग जिस तरह से आतंक का वातावरण बनाते आ रहे हैं, वह बहुत ही घातक और भयावह दिख रहा है; देश और देशवासियों को सर्वनाश की ओर ले जा रहा है।

अब बहुत हो गया! हिन्दुओं के प्रति नितान्त अभद्र शब्दावली का प्रयोग करनेवाला डुमरियागंज का प्रत्याशी राघवेन्द्र सिंह अस्ली ठाकुर नहीं, ‘हरामी’ की औलाद है; क्योंकि जो वास्तविक क्षत्रिय होता है, वह इस स्तर तक गिरकर अपनी जाति को कलंकित नहीं करता। क्षत्रिय स्वाभिमानी रहा है; लुचई-टुचई से सदैव दूर रहा है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयाग; २४ फ़रवरी, २०२२ ईसवी।)