बड़ी मात्रा में अवैध शराब व लहन बरामद, आठ के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत

  • आबकारी टीम ने विशेष अभियान के तहत कई स्थानों पर की छापेमारी

दीपक कुमार श्रीवास्तव-

हरदोई : अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी टीम ने बुधवार को जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश पर जिले के कई थाना क्षेत्रों के कई स्थानों पर छापेमारी की । इस दौरान आबकारी टीम ने बड़ी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बरामद करते हुए बरामद लहन को मौके पर नष्ट कराया गया।

जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर के नेतृत्व में दीपावली पर्व पर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत बुधवार को आबकारी टीम ने थाना बघौली के ग्राम मुनेंद्र पुरवा, थाना माधोगंज के दौलतयारपुर, कंजड़ पुरवा और थाना कछौना के ग्राम दीननगर में जल्द सुबह दबिश दी। दबिश के दौरान आबकारी टीम को कुल लगभग 350 लीटर कच्ची शराब तथा 4000 किलोग्राम लहन बरामद हुआ। आबकारी टीम द्वारा अवैध कच्ची शराब को कब्जे में लेकर लहन को मौके पर नष्ट करा दिया गया। दबिश के दौरान एक स्थान पर 8 शराब की भट्टिया पकड़ी गई एवं एक वाहन बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल 40 लीटर शराब सहित मौके से पकड़ी गई। कुल 8 व्यक्तियों जिनमें सरवन राठौर पुत्र श्रीराम, सुशील पुत्र श्रीकृष्ण, कल्लू पुत्र श्रीकृष्ण सभी निवासी दीननगर थाना क्षेत्र कछौना तथा मंगली पुत्र रामचरण, राजेश पुत्र सालिगराम, सौरभ पुत्र श्रीराम, मनोज पुत्र हरी सभी निवासी दौलतयारपुर थाना क्षेत्र माधोगंज के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 60, 60(2) एवं 72 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

दबिश के दौरान आबकारी टीम में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 राम अवध सरोज, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 दिलीप कुमार वर्मा, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-4 अनिल कुमार श्रीवास्तव, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-5 अखिलेश बिहारी वर्मा तथा हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार गुप्ता, अजीत सिंह, मसूद आलम, रामप्रकाश, विक्रम देव चौधरी, कांस्टेबल पंकज, चंद्रमोहन आदि लोग मौजूद रहे।

लगातार छापेमारी के बावजूद नहीं थम रहा अवैध शराब का काला कारोबार

आबकारी विभाग व पुलिस प्रशासन के द्वारा लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही किए जाने के बावजूद जनपद हरदोई अवैध शराब का बड़ा गढ़ बना हुआ है। हालांकि आए दिन दबिश में बड़े पैमाने पर कच्ची व नकली शराब बरामद हो रही है। मगर तमाम कोशिशों के बावजूद अवैध शराब के काले कारोबार कोई विराम नहीं लग पाया है। इधर विभाग बड़े पैमाने पर लहन नष्ट कर रहा है और दूसरे दिन वहां फिर बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनने का कार्य शुरू हो जाता है। छिटपुट गुडवर्क के दम पर आबकारी विभाग व पुलिस प्रशासन उच्चाधिकारियों को चकमा भले दे, मगर कहीं न कहीं उनकी भूमिका कटघरे में है। सरकार की मंशा अवैध व नकली जहरीली शराब के कारोबार पर पूर्णतया अंकुश लगाने की है, जिसे जिले के आला अधिकारी अमली जामा पहनाने में लगे हुए हैं। मगर विभाग में मौजूद विभीषण जब तक दारू की लंका की निगरानी करते रहेंगे, जिले से इसका सफाया होना नामुकिन है।