*कछौना(हरदोई):* आज भारत के लगभग दस राज्यों में पानी की भारी कमी है। देश गंभीर सूखे की चपेट में पहुँचता जा रहा है। जनसंख्या का बड़ा हिस्सा लगभग 33 करोड़ लोग इसकी मार झेल रहे हैं। देश में दिन पर दिन मानसून बदलता जा रहा है।गर्मी का तापमान बढ़ने के साथ साथ ही भूगर्भ जल का स्तर भी काफी नीचे पहुँचता जा रहा है।इस गंभीर संकट से कैसे निजात मिल सके इसके लिए विकास खंड में कार्य कर रहे एचसीएल फाउंडेशन द्वारा गुरुवार को विश्व जल दिवस का आयोजन ब्लॉक प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर एचसीएल कछौना के जोनल हेड योगेश कुमार ने बताया कि इस समस्या का हल समाज और सरकार दोनों को मिलकर निकालना होगा। इस अवसर पर जल संरक्षण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र कुमार ने जल संचय पर काफी विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुये इस खतरे की घंटी से लोगों को आगाह किया। आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान की असीमित प्रगति और नए-नए अविष्कारों व कल-कारखानों के कारण प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया है। हरे-भरे वृक्षों का अंधाधुंध कटान भी इसका एक अहम कारण है। प्राकृतिक ऊर्जा के श्रोतों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जैव ऊर्जा व जल संचय को अपनाकर अधिक से अधिक पोखर व तालाबों का निर्माण किया जाए।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी पी.एन. यादव ने बताया ने बताया कि पोखरों में जल संचयन के साथ-साथ उसमें रोजगार जैसे मछली पालन, सिंघाड़े आदि का भी काम कर सकते हैं और भूगर्भ जल स्तर भी ठीक होगा। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में आए जनपद के लोकप्रिय जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले क्षेत्रीय किसान धर्म सिंह, ओमप्रकाश, सोने श्री, राजेश कुमार, प्रवेश कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।जिलाधिकारी ने किसान-पानी पंचायत समारोह में आए किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि एचसीएल फाउंडेशन द्वारा जमीनी स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य किया जा रहा है। आज इस दिवस पर जल संकट एक ज्वलंत मुद्दा बन रहा है जिस पर अनदेखी करने से जीवन की कल्पना करना संभव नहीं होगा। आज जल श्रोतों जैसे पोखर, तालाब आदि नष्ट होने के कगार पर है या फिर उन पर अवैध कब्जा हो गया है। आगे आने वाली पीढ़ी को इस अनदेखी का भयंकर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए समय रहते ही इस समस्या पर चेतकर जल संचयन के लिए प्रभावी कदम उठाना पड़ेगा। कृषि कार्य में तकनीकी का सही उपयोग करके ही जल संकट की समस्या से बचा जा सकता है।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी खंड विकास अधिकारी पी.एन. यादव, सहायक विकास अधिकारी(पंचायत) दीपक कुमार श्रीवास्तव व एचसीएल फाउंडेशन की टीम से दत्तात्रेय घोसले, संतोष कुमार, संजीव शुक्ला, अमित शुक्ला, संहिता, रिति मेहरोत्रा, आलोक यादव, राकेश कुमार एवं सभी कृषि समुदाय मित्र सहित पूरी टीम व दूर-दराज से आए किसान बन्धु पुरुष व महिलाएं, क्षेत्रीय ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित ग्राम सभा की समितियों के सदस्य गण मौजूद रहे।
रिपोर्ट- पी. डी. गुप्ता