डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
३१ जुलाई, २०१८ ईसवी को वर्ल्ड कप के क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने के लिए भारत के महिला-दल ने लन्दन (इंग्लैण्ड) में इटली के महिला-दल के साथ खेले गये मैच में ३-० से विजयश्री अर्जित कर ली थी।
उल्लेखनीय है कि एक मैच में पराजय पाने और दो मैचों में ड्रॉ खेलनेवाली भारतीय खिलाड़िनों की वर्ल्ड कप में यह पहली जीत है।
भारत ने खेल के पहले ही १५ मिनट के अन्दर अपने पहले ही ‘पेनल्टि कॉर्नर’ को गोल में बदलकर १-० की अग्रता ले ली थी। उसके बाद उसे कई ‘पेनल्टि कॉर्नर’ मिले थे। थोड़ी देर बाद एक और गोल कर २-० की बढ़त से मज़बूती पा ली थी। अन्तत:, पेनल्टि कॉर्नर’ से एक और गोल आया। इस प्रकार भारत ३-० से अपने को सुरक्षित कर चुका था।
इटली को एकमात्र पेनल्टि कॉर्नर मिला था, जो व्यर्थ सिद्ध हुआ। भारतीय खिलाड़ियों का आक्रमण और बचाव देखते ही बनता था। इटली के कुछ आक्रमण और बचाव प्रभावकारी थे। यही कारण था कि भारतीय खिलाड़िनें मैदानी गोल करने में समर्थ न हो सकीं।
भारत की खिलाड़िनें दमदार प्रदर्शन करती रहीं। इसे एक प्रकार से भारतीय महिला हॉकी-खिलाड़िनों की वर्ल्ड कप में शानदार वापसी के रूप में देखा जा रहा है।